लुधियाना का मदर एंड चाइल्ड अस्पताल
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पिछले साल सिविल अस्पताल में डिलीवरी के लिए आई तीन महिलाओं की एक ही तरीके से 10 दिन के भीतर हुई मौत के मामले में विभाग ने हेल्थ डायरेक्टर से 15 दिनों में अपनी रिपोर्ट देने को कहा है। दो दिसंबर को दम तोड़ने वाली अमृता के जेठ की शिकायत पर विभाग ने यह रिपोर्ट मांगी है।
सेहत मंत्री को भेजी शिकायत मेें हैबोवाल निवासी राजकुमार ने बताया था कि उसके छोटे भाई सुदेश कुमार की 25 वर्षीय पत्नी अमृता को 27 नवंबर की सुबह करीब सवा एक बजे (26-27 नवंबर की रात) डिलीवरी के लिए लुधियाना के सिविल अस्पताल के मदर चाइल्ड विंग में दाखिल कराया गया था। नॉर्मल डिलीवरी नहीं हो पाने के कारण 27 नवंबर की रात करीब 11 बजे उसका सिजेरियन ऑपरेशन किया गया।
ऑपरेशन के 20 घंटे बाद 28 नवंबर की शाम सात बजे उसकी हालत सीरियस हो गई और उसका ब्लड प्रेशर एकदम से नीचे आ गया। डॉक्टरों ने अमृता को क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (सीएमसीएच) रेफर कर दिया। जहां दो दिसंबर को अमृता ने दम तोड़ दिया।
22 नवंबर से लेकर 2 दिसंबर तक एक ही तरीके से तीन महिलाओं की मौत होने पर सेहत विभाग ने इसके लिए जांच कमेटी का गठन किया था, लेकिन टीम ने पीड़ित परिवारों का पक्ष नहीं जाना। राजकुमार ने अमृता का ऑपरेशन करते समय लापरवाही बरतने वाले डॉक्टरों और स्टाफ सदस्यों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की थी।
इस शिकायत के आधार पर सेहत और परिवार भलाई विभाग की सेहत शाखा-1 के सुपरिटेडेंट ने डायरेक्टर हेल्थ को पत्र जारी कर 15 दिन में अपनी रिपोर्ट भेजने को कहा है। सुपरिंटेंडेंट की ओर से डायरेक्टर को भेजे गए पत्र की एक कॉपी राजकुमार को भी भेजी गई है।
कॉपी मिलने के बाद राजकुमार ने कहा कि विभाग मामले को खुर्द-बुर्द करने के लिए रिपोर्ट मांगने के नाम पर इसे लटका रहा है। इस कारण वे इंसाफ पाने के लिए कोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं।