नगर निगम की टीमों ने हैबोवाल इलाके के पवित्र नगर और जोशी नगर में अवैध तौर पर बने मकान गिराने से पहले वहां पर लाल निशान लगा दिए।
मकान पर लगे लाल निशान से लगे सदमे के कारण शुक्रवार सुबह एक 47 वर्षीय महिला की मौत हो गई।
इससे भड़के पवित्र नगर निवासी गुरजीत कौर के परिजनों और इलाके के लोगों ने निगम अधिकारियों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
परिजनों ने सुबह 11 बजे हैबोवाल चौक में शव रख कर जाम लगा दिया। लोग निगम अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग कर रहे थे।
प्रदर्शन के दौरान हैबोवाल चौक में आसपास के कारोबारी अपनी दुकानें बंद करके चले गए और इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
सूचना पाकर जिला कांग्रेस प्रधान गुरप्रीत गोगी, सदन में कांग्रेस के नेता हेमराज अग्रवाल और महाराज सिंह राजी समेत कई नेता मौके पहुंचे।
वहीं जोनल कमिश्नर पीएस घुम्मण को लोगों के गुस्से के कारण वहां से बैरंग वापस जाना पड़ा। पुलिस ने जोनल कमिश्नर को सुरक्षा देकर एक निजी कार में रवाना किया। करीब 15 मिनट बाद उनका ड्राइवर कार लेने पहुंचा।
मृतक गुरजीत कौर के बेटे सुखविंदर ने कहा कि पिछले दिनों एमटीपी कमलजीत कौर और अन्य अधिकारी अदालत के निर्देशों का वास्ता देकर इलाके में लाल निशान लगा गए। चेतावनी दी गई कि मकान खाली कर दो वरना इनको गिरा दिया जाएगा।
जब अधिकारी लाल निशान लगा रहे थे तो उनकी मां की अधिकारियों से बहस हो गई। इसके बाद वह वहीं पर बेहोश होकर गिर पड़ी।
सदमे के कारण ही शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे उनकी मां की मौत हो गई। इसकी सूचना जैसे ही रिश्तेदारों और आसपास के लोगों को मिली तो उन्होंने शव हैबोवाल चौक में रखकर निगम के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
सुबह 11 बजे से लगा धरना दोपहर बाद पौने तीन बजे मेयर गोहलवड़िया के आश्वासन के बाद वापस लिया गया। मेयर ने अधिकारियों के खिलाफ जांच करवाने का आश्वासन दिया।
इस बाबत मृतक के परिवार को मुआवजा, नौकरी दिलाने का भरोसा और अधिकारियों के खिलाफ जांच की मांग को लेकर देर शाम मेयर के साथ बैठक जारी थी।
कांग्रेस के जिला प्रधान गुरप्रीत गोगी का आरोप है कि अवैध कब्जे गिराने में निगम पिक एंड चूज की नीति पर काम कर रहा है। निगम कांग्रेसी पार्षदों वाले वार्डों को ही ज्यादा निशाना बना रहे हैं। इसका हर स्तर पर विरोध किया जाएगा।