श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी मामले में बैकफुट पर चल रही बादल सरकार को पार्टी के वरिष्ठ नेता बलवंत सिंह रामूवालिया से मिले तगड़े झटके के बाद शिअद अब डैमेज कंट्रोल में जुट गया है। शिअद ने भविष्य में और नुकसान से बचने के लिए रामूवालिया के कट्टर समर्थकों को साधने के लिए बिक्रम सिंह मजीठिया को आगे किया है। शिअद को डर है कि रामूवालिया के पार्टी छोड़ने के बाद उनके समर्थक शिअद छोड़कर जा सकते हैं।
मजीठिया रामूवालिया के समर्थकों से संपर्क साधकर उन्हें पार्टी न छोड़ने के लिए प्रेरित करने के साथ साथ उनका मान सम्मान बहाल करने के आश्वासन देने में जुट गए हैं। लोक भलाई पार्टी में पहली कतार के नेता रहे इन नेताओं को अब उनकी कुर्बानी का मोल मिलता दिखाई दे रहा है। शिअद में शामिल होने के बाद से लोक भलाई पार्टी के इन नेताओं की सरकार में कोई पूछ नहीं रह गई थी। अब रामूवालिया के इस झटके से शिअद में इन नेताओं की अचानक अहमियत बढ़ गई है।
शिअद में उप प्रधान और लोक भलाई पार्टी में पार्टी के महासचिव रहे अमरीक सिंह वरपाल ने बताया कि मजीठिया ने उनसे मिलकर अपील की है कि हम लोग शिअद न छोड़ें और पार्टी की मजबूती के लिए काम करें। वरपाल ने कहा कि उनके नेता बलवंत सिंह रामूवालिया ने पार्टी छोड़ने से पहले उनके साथ कोई सलाह नहीं की। इसलिए अब वह ठगा महसूस कर रहे हैं। हालांकि वरपाल ने कहा कि यह रामूवालिया का निजी फैसला है। वरपाल ने कहा वे शिअद के साथ ही रहेंगे। उन्होंने भविष्य में शिअद के खिलाफ किसी भी संगठन या पार्टी में शामिल होने से इंकार किया। उन्होंने कहा कि शिअद में रामूवालिया के साथ शामिल हुए लोक भलाई पार्टी के तमाम बड़े नेता इस मामले को लेकर कल जालंधर में इकट्ठा हो रहे हैं। इस बैठक में जालंधर से रमनदीप सिंह भरोवाल, लुधियाना से जरनैल सिंह मुल्लांपुरी सहित तमाम बड़े नेता शामिल होंगे। वहीं लोक भलाई पार्टी के प्रधान रहे अवतार सिंह मुल्लांपुरी के भतीजे और शिअद नेता जरनैल सिंह मुल्लांपुरी ने कहा कि रामूवालिया के साथ उनके पारिवारिक संबंध है, लेकिन वह और उनके समर्थक शिअद के साथ चट्टान की तरह खड़े हैं। मुल्लांपुरी ने कहा कि मजीठिया ने उनसे भी संपर्क किया है। उन्होंने मजीठिया को भरोसा दिया है कि वह शिअद के साथ ही रहेंगे।