इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) में प्रवेश करने के इच्छुक भावी इंजीनियर्स की क्वालीफाई रैकिंग बुधवार शाम को सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) द्वारा जारी की गई। इस रैकिंग में ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जाम (जेईई) मेन्स में हिस्सा लेने उन दो लाख विद्यार्थियों ने जगह बनाई जो जेईई एडवांस में हिस्सा लेंगे।
लुधियाना से 3500 स्टूडेंट्स ने मेन्स की परीक्षा में हिस्सा लिया था। इसमें लुधियाना के करीब 350 स्टूडेंट्स ने जेईई एडवांस में जगह बनाई है। परीक्षा दो चरणों में ली जाएगी। पहले चरण यानी के मेन्स के आधार पर देश के समूह इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिला मिलेगा। जबकि एडवांस के आधार पर केवल आईआईटी और एनआईटी में एंट्री होगी। 3, 9 और 10 अप्रैल को हुई इस परीक्षा में करीब 12 लाख स्टूडेंट्स ने हिस्सा लिया।
क्वालीफाई रैंकिंग में केवल दो लाख स्टूडेंट्स शामिल किए गए हैं। एजुस्केयर के आकाश गाबा ने 267, मयंक ने 253, पुनीत ने 251 और आदिल गुप्ता ने 247 अंक हासिल किए। कुंदन विद्या मंदिर स्कूल की अंजली ने 248 अंक हासिल किए। जेईई मेन्स का फाइनल रिजल्ट जून में जारी होगा। उस रिजल्ट में जेईई मेन्स के साथ-साथ बोर्ड अंक भी शामिल होंगे। उसी के आधार पर देश भर के इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश मिलेगा।
बुधवार को जारी लिस्ट केवल क्वालीफाइंग लिस्ट है जिसके आधार पर स्टूडेंट्स एडवांस परीक्षा में बैठेंगे। जेईई मेन्स की क्वालीफाई सूची में एजुसक्येर के 70 स्टूडेंट्स ने अपनी जगह बनाई। इंस्टीट्यूट के सीईओ तेजप्रीत सिंह ने कहा कि एग्जाम 360 अंकों का था। जबकि कटऑफ 100 पर रुकी।
पिछले साल से पांच अंक गिरा ग्राफ
जेईई मेन्स की क्वालीफाई रैंकिंग का ग्राफ पिछले साल से पांच अंक गिरा है। इसकी वजह विशेषज्ञ इस बार एडवांस के लिए बढ़ी करीब 50 हजार सीटों को बता रहे हैं। बुधवार को जारी रिजल्ट में जनरल कैटेगरी की कटऑफ 100 पर रही, जो पिछले साल 105 थी। ओबीसी में 70, एससी में 52 और एसटी में 48 अंकों पर कट ऑफ रुकी।
पसंदीदा कॉलेज में एडमिशन के लिए दोबारा एग्जाम
जेईई मेन्स रैंकिंग में 267 अंकों से अपनी जगह बनाने वाली आशीष गाबा ने कहा कि पिछले साल भी पूरी तैयारी की थी। जो नंबर आए उससे संतुष्ट नहीं था। इसलिए दोबारा पढ़ाई की और जेईई एडवांस के लिए क्वालीफाई किया। वह अब एडवांस की तैयारियों पर जोर देेंगे ताकि आईआईटी दिल्ली में एडमिशन के लक्ष्य को प्राप्त कर सकूं। आशीष मैकेनिकल इंजीनियरिंग करना चाहते हैं। अपनी सफलता का श्रेय वह पिता विनोद गाबा, मां उपकार गाबा और टीचर्स को देते हैं।
एडवांस के लिए 100 प्रतिशत तैयारी : मयंक
253 अंक हासिल करने वाले मयंक ने बताया कि जेईई मेन्स का एग्जाम टाइम मैनेजमेंट की कमी के कारण बीच में ही छूट गया था। परीक्षा पूरी हुई होती तो और भी अच्छे अंक आ सकते थे। अब एडवांस में बेहतरीन प्रदर्शन करने के लिए 100 प्रतिशत तैयारी करूंगा। मयंक कंप्यूटर साइंस की डिग्री आईआईटी मुंबई, दिल्ली या रांची से करना चाहता है।