दुनिया भर में अपने गीतों के लिए मशहूर पंजाबी गायक के दीप का 80 वर्ष की उम्र में लुधियाना में निधन हो गया है। मेरा बड़ा करारा पुदना ... जैसे गीतों व माई मोणो के किरदार के करारे चुटकुलों से के दीप ने अपनी अलग पहचान बनाई थी।
वह काफी दिनों से बीमार चल रहे थे। उनका उपचार लुधियाना के दीप अस्पताल में चल रहा था। गुरुवार शाम चार बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। उनका अंतिम संस्कार शुक्रवार को मॉडल टाउन एक्सटेंशन स्थित श्मशान घाट में किया जाएगा।
बर्मा में जन्मे और दुनिया तक पहुंचाए बटालवी के गीत
के दीप का पूरा नाम कुलदीप सिंह हैं। हालांकि दुनिया भर में उन्हें के दीप नाम से ही प्रसिद्धि मिली। के दीप का जन्म 10 दिसंबर 1940 को बर्मा (म्यांमार) के रंगून में हुआ था। हालांकि के दीप का पैतृक गांव पंजाब के लुधियाना में है। के दीप की पत्नी जगमोहन कौर भी गायिका थीं और ज्यादातर गाने दोनों ने मिलकर ही गए हैं।
दोनों की मुलाकात एक कार्यक्रम के दौरान कोलकाता में हुई थी। इसके बाद से दोनों लोगों ने साथ गाने का निर्णय किया था। दो फरवरी 1971 में दोनों ने शादी रचाई ली थी। पंजाब के प्रसिद्ध कवि शिव कुमार बटालवी के गीतों को के दीप ने पूरी दुनिया में पहचान दिलाई। शिव कुमार बटालवी के गीत गाने वाले वे पहले गायक थे। इसके बाद तमाम गायकों ने शिव कुमार बटालवी के गीत गाए। इनमें जगजीत सिंह, नुसरत फतेह अली खान और गुलाम अली जैसे नाम शामिल हैं।