श्री दुर्गा माता मंदिर में रामचरित मानस एवं पालकी को जलाने के विरोध में शनिवार को समराला में बंद रखा गया।
बंद
के दौरान नाराज लोगों ने शहर में रोष मार्च किया और सरकार की सुस्त
कार्रवाई के खिलाफ अपनी नाराजगी जताई। बंद के दौरान बड़ी संख्या में लोग
दुर्गा माता मंदिर में इक्टठा हुए। लोगों ने हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों
के नेतृत्व में बैठक की और एक ग्यारह सदस्यीय कमेटी का गठन कर उसे आगे की
रणनीति बनाने के अधिकार दिए।
लोगों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ
नारेबाजी की। रोष मार्च दुर्गा माता मंदिर से शुरू होकर पानी वाली टंकी,
लुधियाना चंडीगढ़ रोड, खन्ना रोड और शहर के प्रमुख मोहल्लों से होता हुआ
दुर्गा माता मंदिर में समाप्त हुआ। मार्च के दौरान हर हर महादेव के नारे भी
लगाए गए। रोष मार्च में शिव सेना के जगवीर सिंह, हरविंदर सिंह, आशीष
अरोड़ा, मनीश, संजीव कुमार, परमजीत सिंह ढिल्लों, सरबंस सिंह मौजूद रहे।
शिव
सेना नेता रमन वढेहरा ने साफ किया कि यदि पुलिस ने आरोपियों को काबू न
किया तो संघर्ष और तेज किया जाएगा। रोष मार्च के दौरान भी बड़ी संख्या में
पुलिस फोर्स तैनात की गई, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो सके। सुबह से ही शहर
में जिला खन्ना के एसपी गुरदीप सिंह समराला में मौजूद थेे। समराला के अलावा
खन्ना, दोराहा, श्री माछीवाड़ा साहिब इत्यादि जगहों से भी पुलिस फोर्स को
मंगवाया गया था।
सिख जत्थेबंदियों के पदाधिकारियों ने भी धार्मिक
ग्रंथ को जलाने का विरोध किया। सिख जत्थेबंदियों के धमेंद्र सिंह,
गुरिंदरपाल सिंह, जतिंदर सिंह, जसपाल सिंह ने कहा इस तरह की घटनाओं को
बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।