राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी संघ के सदस्यों ने अकाली-भाजपा गठबंधन सरकार की सफाई कर्मचारी विरोधी नीतियों के विरोध में स्थानीय जगराओं पुल पर रोष प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की अगुवाई वाल्मीकि नेता सुरिंदर कल्याण, जसवीर लवण, जसबीर जौनी, विनोद अक्तर और आजाद घारु ने की।
इस दौरान निगम की ज्वाइंट कमिश्नर अमृत कौर गिल को ज्ञापन सौंप कर मांगें स्वीकार न होने पर निगम अधिकारियों का घेराव करने की चेतावनी दी गई। प्रदर्शन में लुधियाना कांग्रेस के इंचार्ज व पूर्व मंत्री ब्रह्म महिंदरा, प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ सदस्य सतीश शर्मा, जिला कांग्रेस अध्यक्ष गुरप्रीत गोगी, कांग्रेस सेवा दल के हिमाचल प्रभारी सुशील पराशर ने प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिलाया कि कांग्रेस के चुनाव मैनीफेस्टो में सफाई कर्मचारियों की मांगों को शामिल करके पंजाब में कांग्रेस के सत्तासीन होने पर पहल के आधार पर मांगें स्वीकार की जाएंगी।
राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी संघ के वरिष्ठ नेता सुरिंदर कल्याण ने कहा कि राज्य सरकार की तरफ से लंबे समय से सफाई सेवकों को रेगुलर नहीं किया जा रहा है। उनके मांग पत्र में 70 प्रतिशत और 100 प्रतिशत डीसी रेट पर कार्यरत सफाई कर्मचारियों के लिए पीएफ की व्यवस्था, लंबरदारों को सेनेटरी इंस्पेक्टरों के तौर पर तरक्की देना, 2004 से कार्यरत सफाई सेवकों और सीवरमैनों की पेंशन लागू करना, 2011 से काम कर रहे सफाई कर्मचारियों को रेगुलर करना, सफाई कर्मचारियों के लोन पर पाबंदी हटाना, ठेकेदारी प्रथा खत्म करना और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों पर सीवरमैनों को गटर में उतारने पर पाबंदी लगाना और सफाई कर्मचारियों को वर्दी-बूट व शनिवार की छुट्टी के प्रबंध करने सहित अन्य मांगे भी शामिल हैं। कल्याण ने चेतावनी दी कि अगर राज्य सरकार और निगम ने इन मांगों की तरफ ध्यान न दिया तो 2017 के विधानसभा चुनाव में वाल्मीकि समाज गठबंधन के उम्मीदवारों का बहिष्कार करेगा।
इस अवसर पर सोमपाल सौदाई, संजीव केसला, राकेश भगत, सुरिंदर चनालिया, बलबीर मेहरा, संदीप भूंबक, रवि भूंबक, रवि बेनीपाल, दीपक, गगन बिडलान, बिंदर चिनालिया, कर्मजीत, राजवीर तीसामड़, अजय दिसावर और मुकेश घावरी मौजूद रहे।