लुधियाना में पार्षद के समर्थन में प्रदर्शन करते लोग।
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हरगोबिंद नगर इलाके में वीरवार दोपहर पुलिस की एक टीम पार्षद जसबीर सिंह जस्सा के घर के बाहर खड़ी उनकी मर्सिडीज गाड़ी उठाने पहुंची। जब पुलिस की टीम ने गाड़ी को टोचन डाला तो इलाके के लोग मौके पर पहुंचे और उन्होंने पुलिस कर्मियों को घेर लिया। लोगों का आरोप था कि पुलिस पार्षद जस्सा के साथ धक्केशाही कर रही है और उनकी गाड़ी जबरदस्ती उठाई जा रही है।
जिस समय पुलिस पार्टी पार्षद की गाड़ी उठाने पहुंची थी तब पार्षद और उनके बेटे घर पर मौजूद नहीं थे। लोगों ने पार्षद के हक में पुलिस के प्रदर्शन शुरू कर धरना लगा दिया। सूचना मिलते ही पुलिस के आलाधिकारी और कई थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। लोगों का विरोध देखते हुए पुलिस को गाड़ी वहीं छोड़नी पड़ी।
पार्षद जसबीर सिंह जस्सा ने कहा कि उनका अपने पड़ोसियों के साथ झगड़ा हुआ था। जिसके बाद उनके और उनके बेटों के खिलाफ मामला दर्ज हो गया, वहीं दूसरे पक्ष के लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस उन्हें और उनके परिजनों को बेवजह परेशान कर रही है। यह सारा काम भाजपा के एक वरिष्ठ नेता की वजह से हो रहा है। पुलिस उसी के कहने पर उन्हें और उनके बेटों को परेशान कर रही है।
उन्होंने कहा कि इस मामले में अभी जांच चल रही है। वीरवार दोपहर को डीसीपी ध्रुमण निंबले मामले की जांच करने के लिए पहुंचे थे। उसके बाद पुलिस की एक पार्टी उनके घर पहुंची और घर के बाहर खड़ी उनकी मर्सिडीज गाड़ी को उठाने लगी।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मामले की जांच चल रही है। उसके बावजूद पुलिस सिर्फ जस्सा और उसके बेटों को ही परेशान कर रही है। लोगों ने पुलिस को चेतावनी दी कि अगर दो तीन दिन में पुलिस ने मामले की जांच पूरी नहीं की तो बड़े स्तर पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
पार्षद जसबीर सिंह जस्सा का अपने पड़ोसी गुलाटी टैंट हाउस वालों के साथ कुछ दिन पहले टकराव हुआ था। इस दौरान दोनों गुटों के बीच हुई मारपीट में कई लोग घायल हो गए थे। इसके बाद पुलिस ने पार्षद जसबीर सिंह जस्सा और उसके बेटों सहित अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। विरोध के बाद पुलिस ने दूसरे पक्ष पर भी मामला दर्ज किया था।