मंगलवार को जिले के समूह पुलिस परिवारों ने एसएसपी दफ्तर के घेराव कर जिला पुलिस मुखी गुरप्रीत सिंह तूर से अपने साथ हुई धक्केशाही संबंधी इंसाफ की गुहार लगाई। उन्होंने एसएसपी तूर पर धोखेबाजी का आरोप लगाया। राज्य में यह बात पहली बार हुआ है कि किसी जिले में पुलिस परिवारों ने जिला पुलिस मुखी के खिलाफ लगातार दूसरी बार धरना दिया हो।
गौरतलब है कि गत दिनों पुलिस चौकी हंडियाया में दर्शन सिंह नामक एक व्यक्ति सल्फास खाकर खुदकुशी कर गया था। इसका आरोपी ठहराते हुए जिला पुलिस मुखी गुरप्रीत सिंह तूर ने पुलिस चौकी हंडियाया के तत्कालीन चौकी प्रभारी चरणजीत सिंह व मुंशी सौदागर सिंह के खिलाफ कत्ल का मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया था।
आज पुलिस परिवारों में से पीड़ित पुलिस परिवार से सदस्यों कमलजीत कौर व नरेंद्र कौर ने बताया कि मृतक दर्शन सिंह ने पुलिस चौकी में किसी और कारण सल्फास की गोलियां खाकर खुदकुशी कर ली थी। जिला पुलिस मुखी ने बिना कोई जांच किए उनके पति चरणजीत सिंह तत्कालीन चौकी इंचार्ज व मुंशी सौदारगर सिंह पर कत्ल का मामला दर्ज कर दिया।
उनको बाद में विश्वास दिलाया गया कि वह कत्ल का मामला खारिज कर लापरवाही का मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेजेंगे, लेकिन एसएसपी तूर ने उनसे वादाखिलाफी करते हुए उन्हें कत्ल के आरोप में जेल भेज दिया। संपर्क करने पर जिला पुलिस मुखी तूर ने कहा कि मामले की जांच चल रही है।