लुधियाना में निजी स्कूलों की धक्केशाही के खिलाफ रोड़ जाम कर रोष प्रर्दशन करते पेरेंट्स एसोसिएशन के कार्यकर्ता।
- फोटो : अमर उजाला
निजी स्कूलों की ओर से की जा रही मनमानी के खिलाफ पेरेंट्स का रोष दिनों-दिन बढ़ता जा रहा है। विभिन्न स्कूल पेरेंट्स की ओर से अलग-अलग जगहों पर स्कूलों के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। डीजीएसजी स्कूल शिमलापुरी, गुरु नानक इंटरनेशनल स्कूल, रयान इंटरनेशनल स्कूल और हरकृष्ण स्कूल के पेरेंट्स ने स्कूलों की ओर से की जा रही धक्केशाही के खिलाफ गिल नहर के पास रोष प्रदर्शन कर जाम लगाया।
अभिभावक गुरप्रीत सिंह ने बताया कि स्कूलों की ओर से डीसी के आदेशों को नजरअंदाज किया जा रहा है। स्कूल की तरफ से रि-एडमिशन, एनुअल चार्ज, महंगी किताबें और वर्दी स्कूल से ही दी जा रही है। इसी रोष के चलते सुबह सात बजे से दोपहर दो बजे तक गिल नहर के पास रोष प्रदर्शन कर जाम लगाया गया। इस दौरान दोनों तरफ से सड़क को ब्लाक कर दिया गया। मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि वह बुधवार को डीसी के साथ मीटिंग करेंगे। जिसमें सभी स्कूलों के पांच पांच पेरेंट्स साथ रहेंगे।
इसके अलावा बीसीएम स्कूल 32 सेक्टर, एसएन जैन स्कूल, बीसीएम स्कूल शास्त्री नगर, वल्लभ पब्लिक स्कूल दरेसी, सरस्वती स्कूल, हर्ष विद्या मंदिर स्कूल सुभाष नगर आदि के अभिभावकों ने डीसी ऑफिस में निजी स्कूलों के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया और डीसी को मांग पत्र सौंपा। उन्होंने मांग की कि स्कूलों की ओर से डीसी के आदेशों को नहीं माना जा रहा है। डीसी द्वारा बनाई कमेटी के साथ हुई मीटिंग में जो आदेश लागू करने को कहा गया था, स्कूलों ने उसे मानने से साफ इंकार कर दिया है। पेरेंट्स ने कहा कि अगर निजी स्कूलों की ओर से यह गुंडागर्दी बंद न की गई तो वह इंसाफ के लिए अदालत जाएंगे। इस मौके पर पेरेंट्स ने डीसी से मिलकर उन्हें मांग पत्र भी सौंपा। डीसी ने आश्वासन दिया कि वह बुधवार को स्कूलों से बात करेंगे।
प्रिंसिपल को सौंपा मांग पत्र
गुरु नानक पब्लिक स्कूल पेरेंट्स एसोसिएशन ने स्कूल द्वारा वसूले जा रहे मनचाहे एनुअल चार्ज के खिलाफ प्रिंसिपल मोना सिंह को मिलकर उन्हें मांग पत्र सौंपा। जिसमें उन्होंने अपील की कि एनुअल चार्ज न वसूले जाएं, फीस बढ़ाने से पहले पेरेंट्स से मीटिंग की जाए, स्मार्ट क्लास के नाम पर चार्ज बार-बार न लिए जाएं। प्रिंसिपल ने पेरेंट्स से दो दिन का समय मांगा, ताकि वह मैनेजमेंट से बातचीत कर पेरेंट्स की मांगों को उनके सामने रख सकें। इसके अलावा पेरेंट्स ने स्कूल से पांच साल की बैलेंसशीट भी मांगी।