गुरु अंगद देव वेटरिनरी एंड एनिमल साइंस यूनिवर्सिटी के फार्म में कांट्रेक्ट बेस पर काम करने वाले गुरदीप सिंह (40) की मौत से गुस्साए डीपीएल एंड कांट्रेक्टर वर्कर यूनियन ने सोमवार को प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि बेहोश होने के बाद पीएयू के अस्पताल में तुरंत बेहतर इलाज न मिलने के कारण गुरदीप की मौत हुई।
धरने पर बैठे प्रधान जगमोहन सिंह और उप प्रधान चरणजीत सिंह ने बताया कि डेयरी फार्म में काम करने वाला गुरदीप दोपहर को अचानक बेहोश हो गया। एक घंटे तक उसे किसी ने नहीं उठाया। जिस सुपरवाइजर की फार्म में ड्यूटी होती है, वह भी उस दौरान मौजूद नहीं था।
कांट्रेक्ट पर काम करने वाले लेबर ने सुपरवाइजर को फोन किया तो वह डेढ़ घंटे बाद पहुंचा। डेढ़ बजे गुरदीप को अस्पताल ले जाया गया। पीएयू अस्पताल में स्टाफ नर्स ने जांच की तो गुरदीप की हालत काफी खराब थी। अस्पताल में पर्याप्त सुविधा न होने की वजह से गुरदीप को डीएमसी अस्पताल रेफर कर दिया गया। डीएमसी में जाते ही गुरदीप ने दम तोड़ दिया।
यूनियन के सदस्यों ने आरोप लगाया कि अगर गुरदीप को लेबर एक्ट के तहत ईएसआई और ईपीएफ के तहत मेडिकल सुुविधा मिलती तो उसे तुरंत ईएसआई में भर्ती करवाकर उसकी जान बचाई जा सकती थी। नेताओं ने कहा कि गडवासू प्रशासन लेबर एक्ट का उल्लंघन कर रहा है।
गडवासू में डेली बेस पर करीब 250 और कांट्रेक्ट बेस पर 450 लोग काम करते हैं। इनको किसी भी तरह की मेडिकल सुविधा नहीं मिलती। यूनियन ने मांग की कि गुरदीप के परिवार वालों को दस लाख का मुआवजा दिया जाए। इसके साथ ही डेली बेस और कांट्रेक्ट बेस पर काम करने वाले कर्मचारियों को मेडिकल सहूलियत दी जाए। मांगे न मानी गई तो रोष प्रदर्शन तेज किया जाएगा।