हालांकि दिलप्रीत के पास अस्पताल का इमरजेंसी पास भी था और बिना सवाल किए उसकी पिटाई कर दी और उसका पास भी अपने पास पुलिस ने रख लिया। दिलप्रीत ने अपनी तायी कर्मजीत कौर और मां कुलदीप कौर के साथ मिल कर थाना सिटी रायकोट के बाहर धरना दिया। पीड़ित परिवार ने थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
पीड़ितों ने थाना के आगे बैठकर पुलिस को कहा कि अगर उन्हें पीटने में कोई कसर रह गई हो तो पुलिस आज पूरी कर ले। जब पीड़ितों ने धरना दिया तो थाना सिटी प्रभारी अमरजीत सिंह गोगी थाने में रुकने की बजाए खिसक गए। थाना सदर के प्रभारी निधान सिंह ने पीड़ितो को मनाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं माने।
डीएसपी रायकोट सुखनाम सिंह का कहना है कि कर्फ्यू में रोकने पर दिलप्रीत ने एसएचओ अमरजीत सिंह को गाली दी। इससे मामला बढ़ गया और मारपीट हुई। मामले की जांच कराई जा रही है। उधर, दिलप्रीत ने कहा कि उन्हें इंसाफ पुलिस से मिलता नजर नहीं आ रहा है। वह अब अदालत के जरिये इंसाफ की मांग करेंगे। वह तब तक संघर्ष करते रहेंगे जब तक उन्हें इंसाफ नहीं मिलता।