लुधियाना। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी मंगलवार को केंद्र सरकार पर खूब बरसे। चढू़नी ने कहा कि केेंद्र सरकार की नीतियों से गरीब और मध्यम वर्ग की कमर टूट गई है। जबसे सरकार आई है, महंगाई लगातार बढ़ रही है। बेरोजगारी मुंह खोले खड़ी है। महंगाई की वजह से लोगों की रोजी-रोटी मुश्किल में है। यही नहीं भ्रष्टाचार लगातार बढ़ रहा है। देश को आजाद हुए कई वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन कई सरकारें व्यापक स्तर पर भ्रष्टाचार कर रही हैं। लोग त्राहि-त्राहि कर रहे हैं, मगर ये कम नहीं हो रहा है। गुरनाम सिंह चढूनी मंगलवार को लुधियाना के सर्किट हाउस में किसानों की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थेे। उन्होंने केंद्र को किसानों के साथ किए वादों को भी पूरे करने की मांग की। उन्होंने कहा कि केंद्र ने किसानों से किए वादे पूरे न किए तो संघर्ष का बिगुल बजाया जाएगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक दलों के भ्रष्टाचार रुपयों तक ही नहीं, बल्कि सरकार बनाने व चुनावी धांधली के रूप में भी हो रहा है। उन्होंने कहा कि ईवीएम से चुनाव कराए जाने में संदेह पैदा हो रहे हैं। मौजूदा चुनावों में घपला हो रहा है। इसलिए ईवीएम के साथ वीवीपैट मशीनें भी लगाई जा रही हैं। ऐसे में यह जरूरी बन गया है कि देश में पहले की तरह बैलेट से चुनाव कराएं जाए। चढ़ूनी ने चुनाव आयोग से मांग की है कि 2024 के लोकसभा चुनाव ईवीएम की जरिये न कराए जाएं, बल्कि कागज के बने मतपत्र के जरिये हों।
इस दौरान चढूनी ने कहा कि 2014 से भाजपा की सरकार केंद्र में आई है। तब से महंगाई बढ़ती ही जा रही है। खाद पदार्थ महंगे होते जा रहे हैं, डीजल-पेट्रोल महंगा हो रहा है, लेकिन सरकार को लोगों की फिक्र नहीं है। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार के सात साल पूरे होने वाले हैं। लेकिन महंगाई दर बढ़ती जा रही है तो बेरोजगारी का ग्राफ भी बढ़ रहा है। सरकार की नीतियों से लोगों को नौकरी नहीं मिल रही तो व्यापार करने की डगर कठिन हो रही है। चंद बड़े घरानों को सरकार फायदा पहुंचा रही है। ऐसे में सरकार को चलता करना होगा। तभी महंगाई व बेरोजगारी व भ्रष्टाचार से मुक्ति मिलेगी।