संवाद न्यूज एजेंसी
लुधियाना। पीएयू ने दिल्ली स्थित फर्म सरोजा सस्टेनेबल सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के साथ तीन समझौते किए। इनके तहत पीएयू ने फिक्स्ड डोम्ड पीएयू 1 से 25 क्यूबिक मीटर प्रतिदिन की क्षमता वाले फैमिली साइज बायोगैस प्लांट, जमीन के ऊपर मीडियम आयरन शीटेड स्ट्रॉ आधारित बायोगैस प्लांट और बेहतर पीएयू 25 से 500 क्यूबिक मीटर प्रतिदिन की क्षमता वाले फिक्स्ड डोम जनता मॉडल बायोगैस प्लांट के विस्तार के अधिकार संबंधित फर्म को दिए गए हैं।
पीएयू के निदेशक अनुसंधान अजमेर सिंह धट्ट और सरोजा सस्टेनेबल सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के डॉ. रोशन शंकर की ओर से इन समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। इन तकनीकों के विस्तार के लिए कृषि इंजीनियरिंग के अतिरिक्त निदेशक अनुसंधान डॉ. गुरसाहिब सिंह मानेस, मुख्य वैज्ञानिक और अक्षय ऊर्जा विशेषज्ञ सरबजीत सिंह को बधाई दी।
इस अवसर पर डॉ. सर्बजीत सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा ऊर्जा क्षेत्र में स्थिरता लाने के लिए इन बायोगैस संयंत्रों को डिजाइन किया गया है। उन्होंने कहा कि ये बायोगैस संयंत्र पूरे देश में काम करने में सक्षम हैं और इससे लागत की भी बचत होती है। इन संयंत्रों का रखरखाव खर्च भी पारंपरिक संयंत्रों की तुलना में कम है। प्रौद्योगिकी विपणन प्रकोष्ठ के एसोसिएट निदेशक डॉ. खुशदीप धरनी ने कहा कि पीएयू ने अब तक विभिन्न प्रौद्योगिकियों के विस्तार के लिए 371 से अधिक समझौते किए हैं। इस दौरान अक्षय ऊर्जा इंजीनियरिंग विभाग के कार्यकारी प्रमुख डॉ. एसके सिंह, डॉ अनुराग नाथ और विनय नागशेट्टी विशेष रूप से उपस्थित थे।