लावारिस हालत में पड़े नौ मोबाइल के साथ-साथ तीन आरोपियों से भी फोन बरामद
संवाद न्यूज एजेंसी
लुधियाना। सीआरपीएफ और पंजाब पुलिस की सख्त सुरक्षा और जेल की ऊंची ऊंची दीवारें होने के बाद भी जेल के अंदर लगातार धड़ल्ले से फोन चलाए जा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि जेल विभाग द्वारा चेकिंग किए जाने की सूचना भी आरोपियों तक पहले ही पहुंच जाती है और आरोपी सतर्क हो जाते हैं। चेकिंग टीम को देखते ही पहले ही आरोपी जेल की बैरकों के बाहर फोन ऐसे फेंक देते हैं मानो लावारिस हालत में पड़े हैं।
जेल मुलाजिम जब पूछते हैं तो कोई कुछ जवाब नहीं होता। जेल मुलाजिमों ने जेल में लावारिस हालत में पड़े विभिन्न कंपनियों के नौ मोबाइल बरामद किए हैं, जबकि तीन आरोपियों को भी अलग-अलग फोन के साथ काबू किया है। आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
सहायक जेल सुपरिटेंडेंट अवतार सिंह की शिकायत पर थाना डिविजन सात की पुलिस ने मामला दर्ज किया है। अवतार सिंह द्वारा पुलिस के पास दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक जब टीम चेकिंग के लिए गई तो बैरकों के बाहर अलग-अलग कंपनियों के चार कीपेड मोबाइल पड़े मिले। इसके बाद आरोपियों से पूछा गया तो किसी ने कुछ नहीं बताया। पुलिस जांच में जुटी है कि फोन के जरिये किन लोगों से बातचीत होती थी। इसी तरह थाना डिविजन सात पुलिस ने ही सहायक सुपरिंटेंडेट सूरज मल्ल की शिकायत पर मामला दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक जब एक टीम चेकिंग के लिए गई तो सेल के बाहर लावारिस हालत में पांच फोन पड़े मिले। थाना डिविजन सात की पुलिस ने अमन नगर निवासी गौरव, सचिन कुमार और इमरान हाशमी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस द्वारा दर्ज की गई शिकायत के मुताबिक जब जेल विभाग की अलग-अलग टीमों ने अंदर चेकिंग की तो उनके कब्जे से मोबाइल बरामद किए गए। पुलिस अब जांच करने में जुटी है कि आरोपियों के पास फोन कैसे पहुंचे।