डीसी बी श्रीनिवासन और एसएसपी नानक सिंह से इंसाफ न मिलने पर रामपुरा निवासी बुजुर्ग महिला सत्या देवी ने पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इच्छामृत्यु मांगी है। पीएम को भेजे पत्र में उन्होंने बताया कि रामपुरा में उनका पुराना पुश्तैनी घर है। जिसके पड़ोस में सुभाष चंद्र की 46 गज जगह भी लगती है।
महिला ने बताया के जब वह विदेश में अपने लड़कों के पास गई थी तो सुभाष चंद्र ने अपनी मलकीयत वाली 46 गज जगह समेत उनके घर की पचास गज जगह भी फर्जी तरीके से चाउके ज्वेलर के मंजीत सिंह को बेच दी। सुभाष ने मंजीत सिंह के परिवार की महिलाओं के नाम पर फर्जी दो रजिस्ट्रियां भी करवाई।
महिला ने बताया के जब उसे पता चला तो वह अपने लड़के विकास के साथ भारत अपने घर रामपुरा पहुंची। वहां देखा कि मंजीत सिंह उनके घर के हिस्से वाली जगह पर मजदूर लगाकर कब्जा कर रहा है। महिला ने बताया के उसने उसी समय थाना रामपुरा पुलिस को शिकायत दी पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
इस पर वह अपने लड़के विकास को लेकर एसएसपी नानक सिंह के पास लिखित शिकायत करने पहुंची। एसएसपी ने भी उनकी कोई सुनवाई नहीं की। महिला ने बताया के एसएसपी ने सुनवाई करने की बजाए उसे उसके लड़के के सामने जलील किया।
इसके अलावा रामपुरा के डीएसपी जसवीर सिंह ने शिकायत पर जांच करने की बजाए विरोधी पक्ष के हक में झूठी जांच रिपोर्ट बना दी और खुद डीएसपी ने अपनी रिपोर्ट में लिख दिया के सत्या देवी की जगह को लेकर विरोधी पक्ष के साथ अदालत में केस चल रहा है, जबकि उसका कोई केस नहीं चल रहा।
महिला ने आरोप लगाया कि डीसी बी श्रीनिवासन, एसएसपी नानक सिंह को उसने शिकायत देकर इंसाफ की मांग की लेकिन किसी भी अधिकारी ने इंसाफ नहीं दिया।
महिला ने अपने पत्र में प्रधानमंत्री से कहा कि अगर वो उसे इंसाफ नहीं दिला सकते तो उसे इच्छामृत्यु की मंजूरी दी जाए।
एसएसपी नानक सिंह ने कहा कि उन्होंने मामले की जांच रिपोर्ट रामपुरा के डीएसपी जसवीर सिंह से मांगी है। जबकि फूल के डीएसपी जसवीर सिंह का कहना था कि महिला की ओर से लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद हैं।