अंतरराष्ट्रीय अटारी सड़क सीमा पर स्थित इंट्रीग्रेटिड चेक पोस्ट(आईसीपी) में पाकिस्तान से आने वाले ट्रकों की जांच के लिए स्थापित फुल बॉडी ट्रक स्कैनर(एफबीटीएस) लगाया गया है। शुक्रवार को दिल्ली से एक उच्च सदस्यीय विशेषज्ञों की टीम स्कैनर स्थल पर पहुंची और एफबीटीएस का निरीक्षण किया। फिर एक बैठक की गई। सूत्रों के अनुसार, विषेशज्ञों की इस बैठक में बीएसएफ, लैंड पोर्ट अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया सहित कई सुरक्षा एजेंसी के अधिकारी भी मौजूद थे।
इस बैठक में आईसीपी तैनात अधिकारियों ने दिल्ली से आई टीम को बताया की बीते वर्ष लगाया गया एफबीटीएस ठीक ढंग से काम नहीं कर रहा है। पाकिस्तान से आने वाले कई ट्रकों को स्कैनर में खड़ा किया गया, लेकिन इसके परिणाम संतोषजनक नहीं निकले। एफबीटीएस पाकिस्तान से बंद पेटियों व बोरियों से आने वाली सामानों को स्कैन नहीं कर पाया है, जबकि इस स्कैनर की स्थापना का मुख्य उद्देश्य पाकिस्तान से आने वाले माल में नशीले पदार्थों की तस्करी व हथियारों की खेप के बारे में जानकारी हासिल करना था।
इस स्कैनर को स्थापित करने में केंद्रीय सरकार ने 23 करोड़ की राशि ख़र्च की थी। अपनी स्थापना के कुछ महीने के बाद ही एफबीटीएस सफेद हाथी साबित हो गया है। सूत्रों ने बताया की विशेषज्ञों की टीम स्कैनर के फेल हो जाने के संबंध में कोई अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाई। इस संबंध में आगामी दिनों में एक और बैठक होने की संभावना है।
नमक की खेप में पकड़ी गई थी पाक से आई 532 किलो हेरोइन
आईसीपी की स्थापना के बाद से ही अधिकारियों ने एफबीटीएस की स्थापना के बारे में मांग करनी शुरू कर दी थी। पिछली मोदी कैबिनेट में गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने के निर्देश पर तत्कालीन गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू ने स्कैनर की स्थापना का नीवं पत्थर रखा था। पाकिस्तान से आने वाले सीमेंट में एक बार भरी मात्रा में हेरोइन बरामद की गई थी। बीते वर्ष भी पाकिस्तान से आई नमक की खेप में 532 किलो हेरोइन पकड़ी गई थी।