लुधियाना। पंजाब की अमन शांति को भंग करने की कोशिशों में जुटे आतंकी संगठन सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) की 3 जून की रेल रोको की कॉल पूरी तरह से बेअसर रही। इस कॉल का रेल यातायात पर कोई असर देखने को नहीं मिला और सभी ट्रेनें बिना किसी विघ्न अपने गंतव्य की तरफ दौड़ती नजर आईं। हालांकि रेल रोको की कॉल के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई थी और संवेदनशील जगहों पर पुलिस का सख्त पहरा नजर आ रहा था।
कमिश्नरेट पुलिस, जीआरपी और आरपीएफ ने कड़े सुरक्षा प्रबंध कर रखे थे। हर छोटे बड़े स्टेशन और ट्रेनों के अंदर सख्त चेकिंग चल रही थी। राज्य भर में रेल पटरियों और पुलों की सुरक्षा बढ़ाई गई थी। आरपीएफ और जीआरपी के मुलाजिम वीरवार शाम से ही रेलवे स्टेशनों और पटरियों पर गश्त कर रहे थे। पुलिस ने किसी भी तरह की तनावपूर्ण स्थिति से निपटने के पूरे इंतजाम कर रखे थे। आग बुझाऊं यंत्र, पानी और रेत की व्यवस्था भी की गई थी। पंजाब के एडीजीपी लॉ एंड आर्डर ने सभी जिलों के पुलिस प्रमुखों को कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए उचित कदम उठाने के आदेश दिए थे।
इन आदेशों में संवेदनशील जगहों की सुरक्षा बढ़ाने और खुफिया एजेंसियों के इनपुट को गंभीरता से लेने की हिदायत थी। आशंका जताई जा रही थी कि एसएफजे के स्लीपर सेल माहौल बिगाड़ने के लिए राष्ट्र विरोधी पोस्टर व झंडों का सहारा ले सकते हैं और दीवारों पर विवादित शब्द लिखकर माहौल खराब कर सकते हैं। इसलिए सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद रखने को कहा गया था। पुलिस अधिकारियों से पल-पल की जानकारी ली जा रही थी। सुरक्षा एजेंसियों को स्थिति तनावपूर्ण होने का खतरा था। मगर पुलिस की सख्ती और लोगों के आपसी भाईचारे ने एसएफजे के नापाक मंसूबों पर पानी फेर दिया।
कैप्शन:03एलयूडी01पी01: लुधियाना स्टेशन पर यात्रियों की चेकिंग करते पुलिसकर्मी।