लुधियाना नगर निगम में मेयर किस दल का होगा, अभी तक पेच फंसा हुआ है। क्योंकि किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। आप ने मेयर बनाने के लिए कवायद शुरू कर दी है। वहीं कांग्रेस ने भी दावा ठोका है।
लुधियाना नगर निगम के 95 वार्ड के लिए हुए चुनाव में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला। ऐसे में मेयर बनाने के लिए जोड़तोड़ का दौर शुरू हो गया है। सदन में सबसे अधिक 41 सीट लेने वाली आम आदमी पार्टी ने मेयर बनाने के लिए कवायद शुरू कर दी है। निगम सदन में मेयर बनाने के लिए 48 का आंकड़ा चाहिए।
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उधर शहर के छह और साहनेवाल के एक विधायक का वोट भी निगम सदन में जुड़ता है। ऐसे में 102 सीटों के सदन में बहुमत के लिए 52 वोट चाहिए और आम आदमी पार्टी के पास 41 पार्षदों क अलावा शहर के छह विधायकों एवं साहनेवाल का एक विधायक का मत भी जुड़ कर यह आंकड़ा 48 पर पहुंचता है।
आप को चार पार्षदों की जरूरत
शहर के चार वार्ड शहर में पड़ते हैं, इसलिए वहां के विधायक का भी निगम सदन में मत है। ऐसे में अब आप को चार पार्षदों की जरूरत है। इन चुनावों में तीन आजाद पार्षद चुनाव जीते हैं, वहीं अकाली दल के भी दो पार्षद विजयी हुए हैं। ऐसे में आप आदमी पार्टी ने आजाद पार्षदों को साधना शुरू कर दिया है। उनको अपने पक्ष में लाने के लिए सीनियर डिप्टी मेयर एवं डिप्ट्री मेयर के पद के लिए समझौता करना पड़ सकता है।
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कांग्रेस ने किया मेयर बनाने का दावा
कांग्रेस के प्रदेश प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग एवं जिला प्रधान संजय तलवाड़ ने भी कांग्रेस का मेयर बनाने का दावा किया है। इस पर माहिरों का तर्क है कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी भीतर से एक ही हैं। चंडीगढ़ में दोनों साथ साथ निगम की सत्ता पर काबिज हैं और दिल्ली में भी इनकी खिचड़ी पक रही है। ऐसे में दोनों के साथ आने पर कोई ताज्जुब नहीं होगा, लेकिन राजा वड़िंग यह भी कहते हैं कि वे आप के साथ समझौता नहीं करेंगे। साफ है कि आने वाले एक दो दिन तक शहर में राजनीतिक गतिविधियां चरम पर होंगी।
मेयर किसी भी दल का बने, शहर का विकास होना चाहिए: भाजपा
भाजपा ने भी सारे गणित पर करीबी निगाह बना रखी है, लेकिन पार्षदों का यही कहना है कि मेयर किसी भी दल का बने, शहर का विकास होना चाहिए। भाजपा के इंद्र अग्रवाल कहते हैं कि पिछले करीब दो साल से निगम सदन न होने के कारण विकास रुका हुआ था, जीएसटी का पूरा शेयर भी नहीं मिल पा रहा था, इसके अलावा सरकारी फंड की कमी थी। अब नए मेयर को यह सुनिश्चित करना होगा कि लुधियाना को विकास की राह पर आगे बढ़ाया जाए।