मोगा। मोगा में स्थित सेंट्रल वेयरहाउस कारपोरेशन के गोदाम की जांच में 86 लाख 32 हजार 812 रुपये के चावल घोटाला सामने आया है। निगम की विजिलेंस टीम ने मामले का खुलासा किया और जांच के बाद नौ अधिकारियों को नामजद कर चार को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस इस घोटाले में कई शैलर मालिकों की शामिल होने की जांच कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों को शनिवार को चीफ ज्यूडीशियल मजिस्ट्रेट संजीता की अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। गिरफ्तार आरोपी बलविंदर सिंह के जिस गोदाम इंचार्ज था उसे मात्र एक चावल की बोरी कम निकली और उसे जेल की हवा खानी पडे़गी।
थाना सिटी के एसएचओ जसविंदर सिंह ने बताया कि 25 अक्तूबर को निगम के मोगा में तैनात मैनेजर लुधियाना निवासी कुलवंत सिंह, गोदाम इंचार्ज मोगा निवासी और अजीतवाल निवासी मंगल सिंह के खिलाफ घोटाले के आरोप में केस दर्ज किया था। ये आरोप सेंट्रल वेयरहाउस कारपोरेशन के चंडीगढ़ स्थित कार्यालय में तैनात सहायक जनरल मैनेजर मावी कृष्ण की शिकायत पर लगाए गए थे।
इसके बाद निगम की दिल्ली से आई पांच सदस्य विजिलेंस टीम ने सारे गोदामों की जांच की। इस दौरान टीम को सभी गोदामों से 86 लाख 32 हजार 812 रुपये की कीमत की चावल की 7344 बोरियां कम मिली।
एएसआई बलविंदर सिंह ने बताया कि विभाग की विजिलेंस टीम की रिपोर्ट के आधार पर उक्त अधिकारियों के अलावा एजी--1 मेम सिंह , सुपरिंटेंडेंट कृष्ण मुरारी गुप्ता, रंजीत राम , बलविंदर सिंह , राजेश कुमार व जूनियर सुपरिंटेंडेंट विपिन कुमार को नामजद किया गया है। इनमें से आरोपी सुपरिंटेंडेंट कृष्ण मुरारी गुप्ता, रंजीत राम , बलविंदर सिंह व जूनियर सुपरिंटेंडेंट विपिन कुमार को गिरफ्तार कर लिया है।
उन्होंने बताया कि निगम की विजिलेंस टीम की जांच के दौरान 31 अक्तूबर को नामजद आरोपी मेम सिंह अपने गोदाम में चावलों की कमी को पूरा करने की कोशिश में था। इस दौरान पुलिस ने चावलों की 80 बोरिंयाें से भरी ट्राली को अपने कब्जे में ले लिया था।
गौरतलब है कि निगम की टीम को 23 अक्तूबर को मोगा स्थित निगम गोदामों में स्टोर किए चावलों के स्टाक की जांच के दौरान गोदाम नंबर 18 ए, 18 सी, और 20 बी में चावल कम मिले। इसके अलावा स्टैक नंबर 9,12 एंव 2 स्टैक के अंदरूनी हिस्से में लगाए चावल, गोदाम नंबर 31 सी के स्टैक नंबर 6,7 एंव गोदाम नंबर 31 बी के स्टैक नंबर --7 के अदरूनी हिस्सो में लकड़ी के करेट खड़े करके और बाहर चावलों की बोरियां लगा कर स्टैक लगाए गए थे। इन स्टैक में से 50 किलो वजन की सात हजार बोरी चावल को खुर्दबुर्द किया गया था।