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Ludhiana News: न्यायमूर्ति जीआर स्वामीनाथन के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पर सांसदों की निंदा

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अमृतसर। श्री दुर्ग्याणा कमेटी की एक विशेष बैठक 9 दिसंबर 2025 को हुई, जिसमें महासचिव अरुण खन्ना की अध्यक्षता में न्यायमूर्ति जीआर स्वामीनाथन के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की घोषणा की गई थी। यह प्रस्ताव डीएमके और इंडिया ब्लॉक गठबंधन के सांसदों द्वारा लाया गया था जिसका श्री दुर्ग्याणा कमेटी ने कड़े शब्दों में विरोध किया। विशेष रूप से पंजाब के तीन सांसदों, सुखजिंदर सिंह रंधावा (कांग्रेस), गुरजीत सिंह औजला (कांग्रेस) और मालविंदर सिंह कांग (आम आदमी पार्टी) जिन्होंने इस महाभियोग प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए, उनकी घोर निंदा की गई। बैठक में कहा गया कि यह विवाद मदुरई के निकट पहाड़ी की चोटी पर सदियों पुरानी परंपरा से जुड़ा है, जहां हर साल कार्तिगई दीपक (महादीप) जलाने की परंपरा है। न्यायमूर्ति जीआर स्वामीनाथन ने सुब्रह्मण्यम स्वामी मंदिर परिसर में प्राचीन पत्थर स्तंभ पर दीपक जलाने की अनुमति दी थी, जिसे लेकर डीएमके और इंडिया ब्लॉक के सांसदों ने आरोप लगाया कि उन्होंने हिंदू परंपरा का पक्ष लिया है, जो कि निंदनीय है। श्री दुर्ग्याणा कमेटी ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि समस्त हिंदू समाज न्यायमूर्ति जीआर स्वामीनाथन के साथ है और उनका अभिनंदन करता है।
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न्यायमूर्ति जीआर स्वामीनाथन के साथ है हिंदू महासभा
हिंदू महासभा मूवमेंट इंटरनेशनल ने भी पंजाब के सांसदों द्वारा न्यायमूर्ति जीआर स्वामीनाथन के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने की निंदा की है। महासभा के राज्य अध्यक्ष राजविंदर राजा ने कहा कि जो नेता हिंदू धर्म की मान्यताओं का विरोध करते हैं, उनका बायकॉट किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि हिंदू महासभा पूरी तरह से न्यायमूर्ति जीआर स्वामीनाथन के साथ है।
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