गिद्दड़बाहा के विधायक अमरिंदर सिंह राजा वडिंग अपने हलके के बाढ़ पीड़ितों को सरकार की ओर से जारी किए गए 3 और 8 रुपये की मामूली रकम के चेकों की माला गले में डालकर शुक्रवार को मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के संगत दर्शन कार्यक्रम की ओर चल पड़े।
पुलिस ने वडिंग और उनके समर्थकों को गांव चक्क गिलजेवाला में रोककर नजरबंद कर दिया। वडिंग ने अपने गले में पहनी माला के अलावा कुछ चेक अपने कपड़ों पर भी लटका रखे थे।
वडिंग बाढ़ पीड़ितों को मिले मामूली राशि के चेक मुख्यमंत्री को दिखाना चाहते थे। लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें मुख्यमंत्री के करीब तक नहीं जाने दिया। वडिंग दोपहर 12 बजे जब गांव चक्क गिलजेवाला पहुंचे तो पुलिस ने उनका रास्ता रोक लिया।
इस मौके पर वडिंग और उनके समर्थकों की पुलिस से धक्का-मुक्की भी हुई। एसपी (एच) नरिंदरपाल सिंह और गिद्दड़बाहा के एसडीएम कुमार अमित के नेतृत्व में पुलिसकर्मियों ने वडिंग और उनके समर्थकों को गांव के बाहर ही रोक दिया।
इस दौरान वडिंग ने मुख्यमंत्री के संगत दर्शन कार्यक्रम को अकाली दर्शन और ड्रामा करार दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अपने चहेते अकाली वर्करों को तो मुआवजा राशि के लाखों रुपये के चेक दिए लेकिन आम लोगों को 3 रुपये, 8 रुपये, 9 रुपये, 68, 74, 100, 312 रुपये और 500 रुपये के चेक देकर उनका मजाक उड़ाया है।
वडिंग ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने अपने पुत्र के जन्मदिन पर उन्हें 40 करोड़ रुपये का हेलीकाप्टर और 7 करोड़ रुपये की वीआईपी कार खरीदकर दी, लेकिन राज्य में लोगों को प्राथमिक सहूलियतें भी मुहैया नहीं करवाई जा रही।
वडिंग ने मुख्यमंत्री को चुनौती दी कि अगर हिम्मत है तो वह उनके मुकाबले गिद्दड़बाहा से चुनाव लड़ें। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को समस्याओं के संबंध में मुख्यमंत्री के नाम एक पत्र भी सौंपा।
मुझे इसकी जानकारी नहीं : बादल
मुख्यमंत्री बादल से राजा वडिंग को गांव के बाहर रोके जाने के बारे में चर्चा किए जाने पर उन्होंने इस मामले पर अनभिज्ञता जाहिर की। बादल ने कहा कि उन्हें नहीं मालूम कि पुलिस प्रशासन ने विधायक को बाहर रोके रखा। उन्होंने कहा कि संगत दर्शन में कोई भी व्यक्ति अपनी मुश्किलें लेकर आ सकता है। चाहे वह कांग्रेसी हो या अकाली कार्यकर्ता।