गुरु अंगद देव वेटरिनरी एंड एनिमल साइंस यूनिवर्सिटी में शुक्रवार को दो दिवसीय पशु पालन मेले का शुभारंभ हुआ। इस दौरान धंधे में नई कारगुजारी करने वाले किसानों को मुख्यमंत्री पुरस्कार दिए गए।
वेटरिनरी यूनिवर्सिटी के उप कुलपति डॉ. अमरजीत सिंह नंदा, यूनिवर्सिटी प्रबंधकीय बोर्ड के सदस्य सुखहरप्रीत सिंह और गुरजतिंदर सिंह विर्क ने किसानों को इनाम बांटे। पसार शिक्षा निर्देशक डॉ. हरीश कुमार वर्मा ने बताया कि पशु पालन धंधों को उत्साहित करने के लिए यूनिवर्सिटी की ओर से विभिन्न पशु पालन धंधों के पशु पालकों की जत्थेबंदियां बनाई हुई है।
इन धंधों में काम करने वाले किसानों को हौसला देने के लिए यूनिवर्सिटी की ओर से मुख्यमंत्री पुरस्कार दिए गए है। मोगा के इकबाल सिंह को गाय की डेयरी फार्मिंग श्रेणी में इनाम दिए गए। इकबाल सिंह ने आठ साल पहले काम शुरू किया था। अब उनके पास 90 गाय हैं, जिनमें से 31 गाय रोजाना 9.5 क्विंटल दूध दे रही हैं। उन्होंने गोबर गौस प्लांट भी लगाए हुए हैं।
डेयरी फार्मिंग की भैंस श्रेणी में जिला फतेहगढ़ साहिब के बलविंदर सिंह को पुरस्कार दिया गया। बलविंदर के पास इस समय 30 भैंस हैं, जिनसे रोजाना 2.5 क्विंटल दूध मिल रहा है। उनके फार्म की एक भैंस ने 24.67 किलो दूध देकर रिकार्ड भी बनाया है। उन्होंने भैंसों के लिए आरामदायक शैड बनाया है। यह विभिन्न मुकाबलों में अब तक 50 से अधिक इनाम जीत चुके हैं। भैंसों की श्रेणी में ही बरनाला के मलकीत सिंह को इनाम दिया गया।
2010 में काम शुरू करने वाले मलकीत के पास इस समय 150 भैंस हैं। इनमें से 85 भैंस रोजाना 7 क्विंटल दूध दे रही हैं। मछली पालन क्षेत्र में यह सम्मान लुधियाना के जसवीर सिंह को दिया गया। जसवीर ने 1999 में 3 एकड़ रकबे में मछली पालन का धंधा शुरू किया। इस समय वह नौ एकड़ रकबे में मछली पालन का धंधा कर रहे हैं, जहां प्रति एकड़ प्रति साल 25 क्विंटल से अधिक मछली पैदा होती है।
सूअर पालन के क्षेत्र में बरनाला के गांव संगेड़ा के धर्मेंद्र सिंह को सम्मानित किया गया। इस समय इनके पास 275 सूअर है। जिनके लिए खुले हवादार शैड भी हैं और वह खुद दाना तैयार करके खुराक तैयार करते हैं। मुख्यमंत्री पुरस्कार में नगद इनाम के अलावा सम्मान चिन्ह और शाल भेंट की गई।