जिला एडिशनल सेशन जज बलजिंदर कौर सिद्धू की अदालत ने सोमवार को एक हत्या के मामले की सुनवाई करते हुए हत्यारोपी दो लोगों को उम्रकैद, दो महिलाओं समेत छह लोगों को तीन-तीन साल की कैद सुनाई है।
वहीं दो लोगों को सबूतों के अभाव के चलते बरी कर दिया गया। उम्रकैद की सजा पाने वालों की पहचान गुरजीत सिंह भाटी और डीएस काका निवासी बठिंडा, तीन साल की कैद पाने वाले लोगों की पहचान पूजा, रजनी निवासी बठिंडा, ट्रक यूनियन बठिंडा के पूर्व अध्यक्ष गुरदीप सिंह, अजीत सिंह, गुरधीर सिंह और गुरसेवक सिंह निवासी जिला बठिंडा के तौर पर हुई है। वहीं लखविंदर सिंह और हरमीत सिंह सबूतों के अभाव के चलते बरी हो गए। लखविंदर सिंह के वकील अमरजीत सिंह ने बताया कि साल 2011 में डीएस काका का प्रताप नगर बठिंडा निवासी नत्थू के साथ किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया था।
इसके बाद डीएस काका ने गैंगस्टर गुरजीत सिंह भाटी के अलावा अन्य लोगों के साथ मिलकर नत्थू की उस समय गोलियां मारकर हत्या कर दी थी, जब वह भुच्चो रोड पर किसी काम से गया था। इसके बाद से डीएस काका और गुरजीत सिंह भाटी तो जेल में ही बंद थे। अदालत ने इस हत्या के मामले की सुनवाई करते सोमवार को यह सजा सुनाई है। इसके अलावा अदालत ने तीन साल की सजा पाने वाले लोगों की जमानत अर्जी भी मंजूर कर ली है। इसके चलते उनको जमानत पर छोड़ा गया है। वहीं अदालत ने इस मामले में सह आरोपी चल रहे लखविंदर सिंह और हरमीत सिंह को उसके वकील अमरजीत सिंह की दलीलों से सहमत होते हुए उन्हें बरी कर दिया।