पंजाब कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय किसान मेला शनिवार को संपन्न हो गया। इसमें प्रदेश भर से आए किसानों को आधुनिक खेती, उच्च क्वालिटी के बीज, बेहतर मशीनरी और कृषि पुस्तकों के उपयोग का संदेश दिया गया।
समापन समारोह में पीएयू के वाइस चांसलर डॉ. बलदेव सिंह ढिल्लों मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित रहे। मेले के दौरान किसानों ने पीएयू द्वारा विकसित की गई आधुनिक तकनीक और नए किस्म के बीजों, कृषि उपकरणों का जायजा लिया।
वीसी ने कहा कि पीएयू द्वारा की खोज और सिफारिशों की असली परीक्षा किसान के खेत में होती है। वीसी ने किसानों को विविधीकरण को अपनाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही कृषि से अधिक लाभ कमाने के लिए सहायक धंधों को अपनाना होगा। डॉ. ढिल्लों ने किसानों को केमिकल खाद के बजाय देसी, हरी खाद के उपयोग को बढ़ाने को कहा।
उनका तर्क था कि इससे जमीन की उपजाऊ शक्ति बरकरार रह सकती है। दूसरे उन्होंने किसानों को कृषि की लागत और आमदनी का हिसाब रखने को कहा। निदेशक खोज डॉ. बलविंदर सिंह ने मौसम में आ रहे बदलाव को ध्यान में रख कर कृषि योजना बनाने की जरूरत पर जोर दिया।
उन्नत खेती के लिए किसानों को मिला सम्मान
इस अवसर पर कपास की किस्म विकसित करने पर डॉ. हरजीत सिंह कलसी को सम्मानित किया गया। मेले में विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार दिए गए। फसलों में आलुओं के मुकाबले में रणधीर सिंह को पहला पुरस्कार दिया गया। गाजर पैदा करने में सतविंदर सिंह अव्वल रहे। प्याज में संधड़ सिंह को, लहसुन में रणधीर सिंह को पहला पुरस्कार दिया गया।
बैंगन में करनैल सिंह, टमाटर में सतविंदर सिंह, मटर में मनजीत सिंह, चप्पण कद्दू में अमरजीत सिंह, पत्ता गोभी में सतनाम सिंह, खीरे में जसबीर सिंह, शिमला मिर्च में मनजीत सिंह, मशरूम में करनैल सिंह, हल्दी में जिंदर सिंह, नींबू में परमजीत सिंह, अमरूद में धर्म चंद, गुलाब में बलदेव सिंह और गेंदे के फूल में सुखपाल कौर ने बाजी मारी।