सजा पूरी कर चुके बंदियों की रिहाई के लिए 16 जनवरी से भूख हड़ताल कर रहे बापू सूरत सिंह खालसा की सेहत लगातार खराब हो रही है।
बुधवार रात करीब एक बजे खालसा को सिविल अस्पताल से डीएमसी अस्पताल शिफ्ट कर दिया गया। डीएमसी में खालसा का कड़ी सुरक्षा के बीच इलाज शुरू कर दिया गया है।
खालसा के बेटे-बेटी के अलावा किसी को उनके कमरे में जाने की इजाजत नहीं दी जा रही। वीरवार को उनसे तख्त श्री दमदमा साहिब के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी केवल सिंह और विधायक सिमरजीत सिंह बैंस डीएमसी खालसा से मिलने पहुंचे थे, लेकिन उनको इजाजत नहीं दी गई।
खालसा की बेटी सरवरिंदर कौर ने कहा कि बापू की बॉडी ग्लूकोज इत्यादि को असेप्ट नहीं कर रही थी। इसलिए बुधवार देर रात उनको डीएमसी में शिफ्ट कर दिया गया।
केवल उन्हें और उनके भाई को ही अंदर जाने की इजाजत है। सरवरिंदर ने कहा कि पिता को ड्रिप लगाई गई है। वे पूरी तरह से होश में नहीं हैं और पानी नहीं पी रहे हैं।
उनका एक ही कहना है कि घर भेज दो, वहां जाकर पानी पी लूंगा। पानी न पीने के कारण उनका गला सूख गया है, वे बोलने की कोशिश करते हैं, लेकिन बोल नहीं पा रहे हैं।
प्रशासन उन पर बापू से पानी और नींबू पानी पीने को कहने का दबाव बना रहा है, लेकिन वे किसी भी हाल में अपने पिता का जमीर नहीं मरने देंगे और उनके संकल्प का पूरा सम्मान करेंगे। सरवरिंदर ने कहा कि पिता के समर्थकों को उनसे मिलने नहीं दिया जा रहा है। इसे लेकर समर्थकों में नाराजगी है।
सिविल सर्जन डॉ. रेणु छतवाल ने कहा कि डाक्टरों की टीम लगातार खालसा की मॉनीटरिंग कर रही हैं। खालसा काफी कमजोर हो गए हैं और होश में हैं। बेहतर चिकित्सा सेवाओं के चलते ही उनको डीएमसी में शिफ्ट किया गया है।
तख्त श्री दमदमा साहिब के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी केवल सिंह ने कहा कि खालसा की मांग जायज हैं। सरकार इनको तुरंत माने, वह पंथ की अमानत हैं। सरकार कौम के साथ सरासर धक्का कर रही है। इस मुद्दे पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को भी अपनी सार्थक भूमिका निभानी चाहिए।
डीएमसी अस्पताल में खालसा से मिलने पहुंचे विधायक सिमरजीत सिंह बैंस ने सवाल उठाया कि क्या खालसा क्रिमिनल हैं जो उनके पास किसी को जाने नहीं दिया जा रहा।
वे विधानसभा में सीएम प्रकाश सिंह बादल से यह सवाल पूछेंगे कि क्या अब मरीज का हाल जानने के लिए भी बादल से मंजूरी लेनी होगी। बैंस ने उनकी बेटी से मुलाकात करके खालसा का हालचाल जाना।