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बापू सूरत सिंह खालसा अब जिला प्रशासन की देखरेख में

Wed, 22 Jul 2015 09:29 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना
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सजा पूरी कर चुके बंदियों की रिहाई की मांग को लेकर 189 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे बापू सूरत सिंह खालसा की हालत नाजुक होती जा रही है।
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पानी न पीने और ड्रिप न लगवाने के कारण जिला प्रशासन ने खालसा को अपनी देख रेख में ले लिया है। सिविल अस्पताल में दाखिल खालसा के परिजनों को भी कमरे से बाहर कर दिया गया है।

बुधवार को खालसा के पानी न पीने से जिला प्रशासन की परेशानी बढ़ गई है। बुधवार सुबह डीसी, एसएसपी जगरांव और सिविल सर्जन ने खालसा के साथ मीटिंग की, लेकिन बैठक बेनतीजा रही।
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इसके बाद प्रशासन ने पहरा सख्त कर दिया और किसी को भी खालसा से मिलने की इजाजत नहीं दी जा रही।
सिविल अस्पताल में बुधवार सुबह खालसा के परिजन और समर्थक उनके पास बैठे थे।

इसी दौरान डीसी रजत अग्रवाल, एसएसपी जगरांव रवचरण सिंह बराड़ और सिविल सर्जन डॉ. रेणु छतवाल वहां पहुंची। उन्होंने खालसा के साथ बैठक कर उन्हें मनाने की काफी कोशिश की, लेकिन वह नहीं माने।

अधिकारियों ने खालसा के परिजनों से भी कहा कि वह उन्हें पानी पीने और ड्रिप लगवाने के लिए मनाए, लेकिन उन्होंने भी मना कर दिया।


बैठक के दौरान अधिकारियों की परिजनों के साथ तीखी बहसबाजी हुई। खालसा पानी पीने को तैयार नहीं थे। उन्होंने प्रशासन से कहा कि वह घर पर पानी पीते थे। उन्हें अस्पताल में इलाज नहीं करवाना, उन्हें घर भेज दिया जाए। वह पानी पी लेंगे।


खालसा की बेटी सरवरिंदर कौर ने कहा कि वह सुबह 12 बजे तक पिता के साथ थे। जिस समय अधिकारियों ने उनके साथ मीटिंग की, वह भी वहां मौजूद थी। बुधवार सुबह उनके पिता से मिलने के लिए कई संगठनों के सदस्य आए थे। जिन्हें बाहर से ही भेज दिया गया।

फिर उन्हें भी कमरे से बाहर निकाल दिया गया। 12 बजे के बाद से उन्हें पिता की हालत के बारे में कुछ पता नहीं है।


डाक्टरों और पुलिस अधिकारियों से उनकी सेहत के बारे में पूछते हैं तो वह कुछ भी नहीं बताते। पिता के साथ क्या हो रहा है, उन्हें नहीं पता। उन्होंने मांग की है कि दो दिन पहले गिरफ्तार किए गए बापू के समर्थकों को छोड़ा जाए।

एसएसपी रवचरण सिंह बराड़ ने कहा कि खालसा के साथ बुधवार को बैठक की गई थी। उन्हें पानी पीने के लिए मनाया गया था, लेकिन वह नहीं माने। जो व्यक्ति खालसा से मिलने आता है, वह उनके साथ बातें करता है।

इस वजह से खालसा की एनर्जी कम हो रही है। खालसा को आराम की सख्त जरूरत है। जो उन्हें दिया जा रहा है।


कार्यवाहक एसएमओ डॉ. राजिंदर गुलाटी ने कहा कि डॉक्टरों की टीम खालसा की सेहत का ध्यान रख रही है। फिलहाल उनकी हालत स्थिर है।

खालसा के बेटे रविंदरजीत सिंह और उनके साथी बुधवार दोपहर गांव हसनपुर पहुंचे। पुलिस ने उन्हें बस स्टैंड के बाहर रोक लिया और उन्हें गांव में जाने की इजाजत नहीं दी।
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इसके बाद रविंदर जीत सिंह और उनके समर्थकों ने सरकार और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। एसएसपी से बात करने के बाद सभी को गांव जाने की इजाजत दे दी गई। गांव से बेरिकेटिंग हटवा दी गई है। रविंदर जीत सिंह ने कहा कि बेरिकेटिंग तो हटा दी गई है, लेकिन पुलिस का पहरा अभी भी है। 
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