मुलाकात के दौरान सीएम ने कहा- मिलकर हरियाणा में विकास के नए आयाम साबित करेंगे
जोशी ने रस्तोगी की जगह संभाला कार्यभार, रस्तोगी सिर्फ तीन दिन के लिए बने मुख्य सचिव
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा कॉडर के 1989 बैच के आईएएस अधिकारी विवेक जोशी ने सोमवार को हरियाणा के नए मुख्य सचिव के रूप में कार्यभार संभाल लिया। जोशी ने अनुराग रस्तोगी का स्थान लिया, जिन्हें जोशी के आने तक मुख्य सचिव नियुक्त किया गया था। साथ ही सरकार ने 2023 बैच के हनी बंसल और शीतल को मुख्य सचिव का ओएसडी नियुक्त किया है। चंडीगढ़ में मुख्य सचिव का पद संभालने के बाद विवेक जोशी ने संत कबीर कुटीर में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात की। इस दौरान सैनी ने उन्हें बधाई दी। साथ ही अपनी सरकार के 100 दिन के विकास के एजेंडे से उन्हें अवगत भी कराया। सीएम ने कहा कि उन्हें पूर्ण विश्वास है कि प्रदेश को मिलकर तीव्र गति से आगे बढ़ाने का कार्य करेंगे और नॉन स्टॉप हरियाणा के विकास के लिए नए आयाम स्थापित करेंगे।
हरियाणा कैडर के सबसे वरिष्ठ आईएएस अधिकारी को मुख्य सचिव नियुक्त करने के आदेश 31 अक्तूबर को जारी किए गए थे। वहीं, पूर्व मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद 31 अक्तूबर को ही रिटायर हो गए थे। प्रसाद के रिटायर होने पर अनुराग रस्तोगी को मुख्य सचिव नियुक्त किया गया था। हरियाणा कॉडर में आने से पहले जोशी केंद्र में कार्मिक व प्रशिक्षण विभाग के सचिव के पद की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। केंद्र में जाने से पहले वह हरियाणा के कई पदों पर रह चुके हैं। वह जींद समेत कई जिलों के उपायुक्त भी रह चुके हैं।
सिर्फ तीन दिन मुख्य सचिव रहे रस्तोगी
पूर्व मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद 31 अक्तूबर को रिटायर हो गए थे। उनके रिटायर होने के बाद हरियाणा सरकार ने वरिष्ठ आईएएस अनुराग रस्तोगी को मुख्य सचिव नियुक्त किया। उनकी नियुक्ति के आदेश 31 अक्तूबर को जारी हुए थे। एक नवंबर को उन्होंने कार्यभार संभाला और चार नवंबर की सुबह नए मुख्य सचिव विवेक जोशी ने मुख्य सचिव का पदभार ग्रहण कर लिया। रस्तोगी मुख्य सचिव के पद पर सिर्फ तीन दिन के लिए नियुक्त किया गया था। राज्य के इतिहास में पहली बार है कि जब कोई अफसर सिर्फ तीन दिन के लिए मुख्य सचिव रहा हो। अब चर्चा है कि सरकार रस्तोगी को वित्तायुक्त नियुक्त कर सकती है। वह अभी वित्तायुक्त के लिंक ऑफिसर हैं। यदि सरकार रस्तोगी को वित्तायुक्त नियुक्त करती है तो मुख्य सचिव के बाद उन्हें ही राज्य का दूसरे नंबर का अधिकारी माना जाएगा। अब तक सरकार की परंपरा रही है कि राज्य के दूसरे नंबर के अधिकारी को वित्तायुक्त का प्रभार सौंपा जाता है। अभी तक की आईएएस की वरिष्ठता सूची के मुताबिक विवेक जोशी के बाद 90 बैच के सुधीर राजपाल सीनियर अधिकारी हैं। मगर वरिष्ठता सूची को लेकर अभी विवाद चल रहा है। 90 बैच के दूसरे अधिकारियों ने वरिष्ठता सूची को संशोधन करने की मांग की है। फिलहाल सरकार इस पर कोई फैसला नहीं ले सकी है।