उस रात जो हमारे साथ हुआ था, हम भगवान से दुआ करते हैं कि किसी दुश्मन के साथ भी ऐसा न हो। दो साल बाद भी मेरा दिमाग सुन्न है, सभी जज्बात मर चुके हैं। इन दो वर्षों में कई लोगों ने मदद के नाम पर हमारा इस्तेमाल कर अपना मतलब निकाला है। मुख्य आरोपी को जमानत मिल चुकी है लेकिन अब मन में कोई खौफ नहीं है। अब दिलेरी के साथ मुकाबला करेंगे। उन दरिंदों को हर हाल में सजा दिलाएंगे, चाहे इसके लिए कुछ भी करना पड़े। - दुष्कर्म पीड़िता का दोस्त।
यह है मामला
नौ फरवरी 2019 की शाम को लुधियाना निवासी एक युवती और उसका दोस्त कार में घूमते हुए इस्सेवाल की तरफ निकल गए थे। रास्ते में कुछ दरिंदों ने उनकी कार को रोक लिया और दोनों को बंधक बनाकर बुरी तरह पीटा। इसके बाद वे रात साढ़े आठ बजे से सुबह चार बजे तक पीड़िता से उसके दोस्त के सामने दुष्कर्म करते रहे। यही नहीं, आरोपियों ने पीड़िता के दोस्त को जान से मारने की धमकी देकर दो लाख रुपये की फिरौती मांगी। किसी तरह दोनों उनसे बचकर पुलिस स्टेशन पहुंचे और आपबीती बताई।
ये आरोपी हुए थे गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में जगरूप सिंह उर्फ रूपी, सादिक अली, सुरमू, अजय उर्फ ललन उर्फ ब्रज नंदन, सैफी अली और एक नाबालिग के खिलाफ मामला दर्जकर उन्हें गिरफ्तार किया था। पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने माना कि वे इससे पहले भी कई बार ऐसी वारदात कर चुके हैं। इसकी पुष्टि एडीजीपी वी नीरजा ने की थी। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कबूला था कि वे इससे पहले दुष्कर्म, लूटपाट, हत्या के प्रयास, फिरौती के 15 से अधिक कांड कर चुके हैं लेकिन मामले थाने तक नहीं पहुंचे। इसके चलते उनका हौसला बढ़ता चला गया।
इन पर गिरी थी गाज
समय पर कार्रवाई न करने और लापरवाही दिखाने पर थाना दाखा के तत्कालीन प्रभारी राज परमिंदर सिंह को लाइन हाजिर, एडिशनल प्रभारी जरनैल सिंह को निलंबित और एएसआई विद्या रत्न को बर्खास्त कर दिया गया था। पुलिस ने इस मामले में कुल 54 गवाह बनाए गए थे, इसमें 28 की गवाही पूरी हो चुकी है, जबकि तीन गवाहों को पंजाब सरकार ने सूची से हटा दिया था। अब भी मामले में 23 गवाहों की अदालत में गवाही बाकी है।