फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बजट पर लुधियाना के उद्यमी बोले- लघु, कुटीर एवं मध्यम उद्योग को होगा फायदा, होजरी इंडस्ट्री की भी बल्ले-बल्ले

Mon, 01 Feb 2021 08:31 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लुधियाना (पंजाब)
विज्ञापन
बजट 2021: पंकज मुंजाल, डीएस चावला, बदीश जिंदल। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

कोरोना संक्रमण के चलते आर्थिक तंगी से गुजर रही इंडस्ट्री ने बजट का खुले दिल से स्वागत किया है। बजट में सबसे ज्यादा खुशी होजरी इंडस्ट्री में देखने को मिली है। इसके अलावा स्टील फर्नेस ने इस बजट की सराहना की है। हालांकि कुछ सेक्टर बजट से नाखुश भी हैं। उनका मानना है कि एमएसएमई (लघु, कुटीर एवं मध्यम उपक्रम) को ज्यादा राहत नहीं दी गई है।

विज्ञापन


बजट में राहत की खबर यह है कि सरकार ने कोई नया कर नहीं लगाया है। वहीं कोरोना संक्रमण की मार झेल चुके मध्यम वर्ग में कुछ निराशा जरूर दिखी है, उन्हें उम्मीद थी कि इस बजट में सरकार उन्हें कोई राहत जरूर देगी। इसमें सबसे ज्यादा आयकर स्लैब पर सबकी नजर थी।  

ऑटो सेक्टर को सबसे ज्यादा फायदा 
जिस तरह बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर योजनाओं के साथ रोड, पब्लिक ट्रांसपोर्ट एंव मेट्रो पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाएंगे। उससे ऑटो सेक्टर को सबसे ज्यादा फायदा होगा। इससे केवल अर्थव्यवस्था ही मजबूत नहीं होगी, बल्कि रोजगार भी पैदा होगा। प्रदूषण कम करने के लिए वित्तमंत्री ने बजट में 2217 करोड़ रुपये का अलग से प्रावधान रखा है। यह एक स्वागत योग्य कदम है, हमें उम्मीद है कि सरकार प्रदूषण को कम करने के लिए साइकिल को प्रोत्साहित करेगी। 42 अर्बन सेंटर में साइकिल ट्रैक का निर्माण होगा।  - पंकज मुंजाल, चेयरमैन व मैनेजिंग डॉयरेक्टर हीरो मोटर कंपनी।

विज्ञापन

होजरी के लिए सबसे अच्छा 

बजट 2021: उपकार सिंह आहुजा, सीए दिनेश कुमार, चरणजीव सिंह। - फोटो : अमर उजाला
हमारी इंडस्ट्री लंबे समय से मैन मेड यार्न पर टैक्स कम करने की मांग कर रही थी। बजट में सरकार ने 12 फीसदी से इसे पांच फीसदी कर दिया है। यह हमारे लिए राहत भरा है। बजट में नए टेक्सटाइल पार्क बनाने का प्रावधन रखने से हमारी इंडस्ट्री को फायदा होगा। सरकार ने टैक्स ऑडिट की लिमिट पांच करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़ कर दिया है। इसका सबसे ज्यादा फायदा एमएसएमई को मिलेगा क्योंकि 95 फीसदी इंडस्ट्री एमएसएमई के अधीन है। लेबर के लिए घर तैयार कर देने पर आयकर में कुछ छूट और सब्सिडी इंडस्ट्री के लिए एक अच्छा संकेत है। - चरणजीव सिंह, महासचिव निटवियर एवं टेक्सटाइल क्लब।

एमएसएमई के लिए फायदेमंद बजट
बीते साल के बजट में केंद्र सरकार ने एमएसएमई के लिए 74 सौ करोड़ का बजट रखा था। इस बार इसे बढ़ाकर 15 हजार 600 करोड़ रुपये कर दिया है। इससे साफ है कि छोटी इंडस्ट्री को फायदा होगा। वहीं सरकार ने स्टील के बढ़ते दाम को देखते आयात स्क्रैप पर 2.50 फीसदी ड्यूटी को खत्म कर दिया है। इससे स्टील के दाम कम होंगे और इंडस्ट्री के साथ आम लोगों को भी फायदा होगा। इस बार हमें उम्मीद थी कि सरकार आयकर स्लैब को बढ़ाकर जरूर राहत देगी, इसमें निराशा हाथ लगी है। - उपकार सिंह आहुजा, प्रधान सीआईसीयू।

स्टील स्क्रैप पर ड्यूटी हटाना एक अच्छा कदम

बजट में सरकार ने आयात होने वाले स्टील स्क्रैप पर 2.50 फीसदी ड्यूटी को खत्म कर एक अच्छा कदम उठाया है। इसका फायदा आने वाले दिनों में बाजार में जरूर देखने को मिलेगा। वहीं सरकार ने बजट में स्क्रैप पॉलिसी को रखा है। इस योजना के तहत निजी, कामर्शियल और सरकारी कबाड़ वाहनों को स्क्रैप किया जा सकेगा। इससे फायदा होगा कि इन कबाड़ वाहनों की ढलाई कर दोबारा स्टील के तौर पर प्रयोग किया जा सकेगा। सरकार ने टैक्स ऑडिट को पांच करोड़ से दस करोड़ कर काफी राहत दी है। - देव गुप्ता, वाइस प्रेसिडेंट इंडक्शन फर्नेस नार्थ इंडिया एसोसिएशन।

बजट से साइकिल पार्ट्स इंडस्ट्री को निराशा 

साइकिल पार्ट्स इंडस्ट्री को इस बजट में पूरी तरह से नजरअंदाज किया गया है। पूरे देशभर में 6.50 करोड़ यूनिट है, लगभग दस लाख लोगों को रोजगार मिलता है। बजट में सरकार ने सिर्फ 15 हजार 600 करोड़ का प्रावधान रखा गया है। यानी एक यूनिट को सिर्फ 2846 रुपये ही आएंगे। हमने सरकार से मांग की थी कि इस समय चीन के साइकिल पार्ट्स पर अमेरिका और यूरोप ने 67 फीसदी ड्यूटी लगा दी है। इसका फायदा हम उठा सकते है। स्टील स्क्रैप पर ड्यूटी हटाने से कुछ नहीं होगा। - डीएस चावला, प्रधान यूसीपीएमए। 
विज्ञापन

इन्फ्रास्ट्रक्चर एवं हेल्थ सेक्टर के लिए बेहतरीन 

इस बार बजट में सबसे बड़ा फोक्स इन्फ्रास्ट्रक्चर एवं हेल्थ सेक्टर पर रखा गया है। दूसरी बड़ी बात सरकार ने अगर आयकर स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया तो नया कर भी नहीं है। शेयर बाजार ने बजट का भरपूर स्वागत किया है। कुल मिलाकर बजट को एक अच्छा बजट कहा जाएगा, इससे अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा। आयकर विभाग में अपील फेसलेस पर शुरू हो गई है, जो कि अच्छा है। - सीए दिनेश कुमार, पूर्व प्रधान लुधियाना चार्टर्ड एकाउंटेंट एसोसिएशन।

एमएसएमई के लिए बजट निराशाजनक 

सरकार ने दावा किया है कि एमएसएमई के लिए फंड 7279 करोड़ से 15629 करोड़ किया गया है। असल में सरकार ने लॉकडाउन से समय एमएसएमई के लिए 3.50 लाख करोड़ का पैकेज दिया था, उसके 10 हजार करोड़ के ब्याज की राहत दी जानी थी, उसे भी इसमें शामिल कर दिया है। ऐसे में साल 2021-22 के लिए 5629 करोड़ का बजट ही बचा है। बजट में कौशल विकास मंत्रालय के फंड 3002 करोड़ से कम कर 2785 करोड़ कर दिया गया है। इसके अलावा एमएसएमई के लिए कई स्कीम के फंड कम किया गया है। - बदीश जिंदल, राष्ट्रीय प्रधान आल इंडस्ट्री एंड ट्रेड फोर्म।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें