हलवारा। माल विभाग द्वारा भारतीय वायु सेना केंद्र हलवारा की बेशकीमती जमीन को कागजों में हेराफेरी कर बेच देने के मामले में जांच शुरू करने के बाद सेना प्रशासन और खुफिया एजेंसी में हड़कंप मच गया है। इसके साथ सेना प्रशासन के अधिकारी मामले के शिकायतकर्ता बावा सिंह जस्सल से मिलने पहुंचे। उन्होंने जस्सल से जानकारी लेने के साथ साथ संबंधित दस्तावेजों की भी जांच की। स्थानीय सेना प्रशासन पूरी रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय को रिपोर्ट भेजेगा।
बावा सिंह जस्सल ने खुलासा किया कि दिलबाग एन्क्लेव से सटी सेना की इस इस जमीन के अलावा स्टेशन के चारों और सेना की कई एकड़ जमीन पर नाजायज कब्जे हैं। इसका पूरा रिकॉर्ड उन्होंने जमा कर लिया है और इसकी एक कापी वे जल्द सेना प्रशासन को देने जा रहे हैं। सेना प्रशासन अब नए सिरे से अपनी जमीन की निशानदेही करवाने की योजना पर विचार कर रहा है। तहसीलदार रायकोट परमजीत सिंह बराड़ ने जांच शुरू कर दी है।
सेना केंद्र हलवारा के रिहाइशी दिलबाग एन्क्लेव से सटी सेना की यह जमीन गलत निशानदेही के कारण सेना द्वारा की गई चारदीवारी से बाहर रह गई थी, इसी का फायदा उठाते हुए भू माफिया ने मिलीभगत कर जमीन को बेच दिया। वह जमीन से सटी शिरोमणि भगत नामदेव सभा के महासचिव रहे हैं। 10 मरले जमीन में बने शिरोमणि भगत नामदेव सभा के कम्युनिटी हाल को 2017 में संगत के लिए खोल दिया गया था। भवन से सटी थोड़ी जमीन किसी दानी सज्जन ने भवन को दान में दी। दान में मिली इस जमीन की रजिस्ट्री के दौरान दस्तावेज देखकर उन्हें शक हुआ और इस बारे में सभा के अन्य लोगों से बात भी की, लेकिन किसी ने भी उनकी बात नहीं सुनी और रजिस्ट्री करवा ली। इसी वजह से उन्होंने सभा से इस्तीफा दे दिया और अपने स्तर पर जांच शुरू कर दी। उन्हें जान माल के नुकसान की धमकी भी मिल रही है और उन्होंने इस बाबत पुलिस को शिकायत कर दी है।