अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। जटिल जीएसटी प्रणाली के खिलाफ शुक्रवार कांफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) की तरफ से किए गए भारत बंद के आह्वान का लुधियाना में कोई असर देखने को नहीं मिला। इक्का दुक्का दुकानों को छोड़ सभी बाजार खुले रहे। इस मौके पर पंजाब व्यापार मंडल और अन्य व्यापारी संगठनों के पदाधिकारियों ने डीईटीसी को ज्ञापन सौंपा और जीएसटी के नियमों में बदलाव के लिए विचार भी रखे।
कैट पंजाब अध्यक्ष हरकेश मितल ने कहा कि जीएसटी कर प्रणाली सरल होने के बजाय बेहद जटिल हो गई है और जीएसटी के मूल घोषित उद्देश्य के एकदम विरुद्ध है, जिसके पालन ने व्यापारियों को एक कभी न खत्म होने वाले चक्रव्यूह में कैद कर दिया है। कर प्रणाली को सरल और तर्कसंगत बनाने के बजाय किस तरह से व्यापारियों पर कर पालना का ज्यादा से ज्यादा बोझ डाला जाए, इस दिशा में जीएसटी काउंसिल काम कर रहा है।
पंजाब प्रदेश व्यापार मंडल के राज्य महासचिव सुनील मेहरा, राज्य सचिव महिंदर अग्रवाल, जिला प्रधान अरविंदर सिंह मक्कड़ ने कहा कि संशोधन के बाद वर्तमान नियमों में कर अधिकारी को अनेक प्रकार के असीमित अधिकार दे दिए गए हैं, जिस कारण अब अधिकारी बिना नोटिस या सुनवाई का मौका दिए अपने निर्णय के आधार पर किसी भी व्यापारी का जीएसटी रजिस्ट्रेशन नंबर कैंसल कर सकते हैं। व्यापारियों का बैंक अकाउंट एवं संपत्ति को जब्त किया जा सकता है। व्
यापारियों को दिए हुए टैक्स का इनपुट क्रेडिट रोका जा सकता है। अफसरशाही की ओर से व्यापारियों को तंग किया जा रहा है। इस मौके डीईटीसी सिद्धू ने व्यापारियों को आश्वासन दिलाया कि जल्द ही उनकी बात को वित्त मंत्री मनप्रीत बादल के आगे रखेंगे जो कि जीएसटी काउंसिल पंजाब के प्रमुख हैं। इस अवसर पर पवन सचदेवा, विजय जुनेजा, अश्विनी महाजन, रमेश गर्ग, केवल गुप्ता, ललित गर्ग, एडवोकेट मनीष आहूजा, कुलजीत सिंह, पवन मल्होत्रा, अमृत गोयल, रजत जलोटा, विवेक भारती, विशु मित्तल उपस्थित थे