पुलिस के दबाव से तंग आकर ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या करने वाले इंद्रपाल सिंह आहुजा मामले में बनाई गई स्पेशल इनवेस्टीगेशन टीम ने जांच शुरू कर दी है।
टीम की अगुवाई डीएसपी जीआरपी मक्खन सिंह ने की। जांच के पहले दिन डीएसपी मक्खन सिंह, इंस्पेक्टर मुरलीधर, जीआरपी लुधियाना के इंचार्ज सब इंस्पेक्टर इंद्रजीत सिंह ने मौका मुआयना किया। पुलिस ने जांच के दौरान आसपास के कुछ लोगों से पूछताछ भी की और वहां से कुछ सुबूत इकट्ठा किए। अब पुलिस इंद्रपाल सिंह आहुजा के परिजनों को बुलाकर उनके बयान दर्ज करने की कोशिश कर रही है ताकि जांच आगे बढ़ाई जा सके।
जांच टीम की अगुवाई कर रहे डीएसपी मक्खन सिंह ने बताया कि जांच के पहले दिन बुधवार को मौके का जायजा लिया गया। उन्होंने कहा कि अब पुलिस इंद्रपाल सिंह अहुजा के परिजनों से मुलाकात करेगी और उनके ब्यान दर्ज किए जाएंगे। जरूरत पड़ी तो इस मामले में नामजद आरोपियों को पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि मामले की जल्द से जल्द जांच पूरी कर अधिकारियों को सौंप दी जाएगी। आगे की कार्रवाई अधिकारियों के दिशा निर्देश पर ही की जाएगी।
जिला पुलिस की तरफ से मामले की जांच कर रहे एडीसीपी टू डॉ. संदीप गर्ग ने बताया कि उन्होंने मामले की काफी हद तक जांच कर ली है। इसकी रिपोर्ट उन्होंने पुलिस कमिश्नर जतिंदर सिंह औलख को सौंप दी है। उन्होंने कहा कि जांच का एक पहलू अभी फेसबुक पर स्टेटस कहां से अपडेट हुआ इसके बारे में जानना बाकी है। इसके बारे में वह साइबर सेल मोहाली में लिखित दे चुके हैं कि इसकी रिपोर्ट फेसबुक के हेड ऑफिस से मंगवाई जाए। उन्होंने कहा कि वैसे तो रिपोर्ट आने में कुछ समय लग जाता है लेकिन मांगी गई रिपोर्ट में लिखित भेजा गया है कि इस मामले की रिपोर्ट जल्द से जल्द दी जाए ताकि वहां से आई रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि रिपोर्ट एक सप्ताह में आ जाएगी।
उधर, इंद्रपाल सिंह आहुजा के परिजन दविंदर सिंह ने कहा कि इंद्रपाल सिंह के पिता की तो मौत हो चुकी है। उनकी बुजुर्ग माता और बहन ही है। जो मामले की पैरवी नहीं कर पा रहे हैं। पुलिस की तरफ से उन पर कुछ दबाव बनाया गया है जिस वजह से वह पैरवी नहीं कर पा रही। दविंदर ने आरोप लगाया कि जहां एक पुलिस मुलाजिम का काम होता है इंद्रपाल सिंह आहुजा के घर दस पुलिस मुलाजिम जाते हैं ताकि उसके परिजनों पर दबाव बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान पुलिस ने उनसे जो जो मांगा उन्हें प्रोवाइड करवाया गया।
जांच के दौरान पुलिस ने इंद्रपाल सिंह आहुजा के दोनों फोन, उनका अकाउंट नंबर, उनकी दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज वाली डीवीआर, परिजनों के अकाउंट नंबर के अलावा जो सामान पुलिस को चाहिए था उन्हें दे दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में नामजद आरोपी से पुलिस मुलाजिमों ने अब तक पूछताछ नहीं की। उधर, यूनिवर्सल ह्यूमन राइटस आर्गनाइजेशन के प्रधान सतनाम सिंह अपने साथियों सहित इंद्रपाल सिंह आहुजा के परिजनों से मिलने पहुंचे। इस दौरान इंद्रपाल के परिजनों ने आरोप लगाया कि पहले दिन पुलिस ने उन्हें धमकाया था कि वह अपना मुंह बंद रखे।
पुलिस से दुश्मनी काफी महंगी पड़ सकती है। जिस वजह से उन्होंने पुलिस कमिश्नर दफ्तर से लेकर जीआरपी थाने तक पहुंचते-पहुंचते अपने बयान बदल लिए थे। सतनाम सिंह ने कहा कि इंद्रपाल सिंह आहुजा के परिवार वालों को उनकी आर्गनाइजेशन की तरफ से कानूनी सहायता पूरी तरह से मुफ्त दी जाएगी।