पंजाब स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड (पीएसआईडीसी) लुधियाना के पास लाडोवाल में आठ सौ एकड़ जमीन पर इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप (आईएमटी) स्थापित करेगी। इसमें उद्यमियों को तमाम अल्ट्रा मॉडर्न विश्वस्तरीय सहूलियतें उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही रेड कैटेगरी की प्रदूषित इंडस्ट्री को भी इसमें एडजस्ट किया जाएगा।
इस आईएमटी में इकाईयां स्थापित करने वाले उद्यमियों को पंजाब सरकार की फिजिकल इंसेंटिवस फार इंडस्ट्रियल प्रमोशन स्कीम के तहत करों में राहतें दी जाएंगी। इस टाउनशिप के डिमांड सर्वे के लिए पीएसआईडीसी ने उद्यमियों से आवेदन मांगे हैं। उधर सतलुज नदी के पास और सेम वाला इलाका होने के चलते उद्यमियों को यह प्रस्ताव रास नहीं आ रहा है।
सरकार ने अपने प्रस्ताव में साफ किया है कि इस मॉडल टाउनशिप में औद्योगिक इकाईयों के अलावा, रिहायश, स्कूल, कॉलेज, नर्सिंग होम, अस्पताल, बैंक, एससीओ, एससीएफ, कॉमन एफ्ल्यूऐंट ट्रीटमेंट प्लांट समेत तमाम तरह की आधुनिक सुविधाएं दी जाएंगी। दूसरे इस आईएमटी में इकाईयां लगाने वाले उद्यमियों को वैट, सीएसटी में राहत, स्टॉप ड्यूटी में माफी, बिजली की दर पांच रुपये प्रति यूनिट से भी कम और बिजली पर लगने वाली इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी में छूट समेत कई राहतें दी जाएंगी।
लुधियाना में 1992-93 के बाद से कोई नया फोकल प्वाइंट नहीं आया है। ऐसे में उद्यमियों को विस्तार और नए उद्योग लगाने के लिए उचित जगह नहीं मिल पा रही है, लेकिन लाडोवाल में नया आईएमटी आने से भी उद्यमी ज्यादा खुश नहीं हैं।
फेडरेशन ऑफ टाइनी एंड स्मॉल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन्स ऑफ इंडिया के प्रधान जोगिंदर कुमार का कहना है कि लाडोवाल सतलुज नदी के बिलकुल पास है। वहां सेम वाली जमीन है और बाढ़ आने का खतरा रहता है।
पहले भी सरकार ने इलेक्ट्रोप्लेटिंग इंडस्ट्री को वहां शिफ्ट होने का कहा था, लेकिन उद्यमियों ने इंकार कर दिया था। उनका तर्क है कि प्रस्तावित आईएमटी को लाडोवाल के बजाय किसी सुरक्षित जगह पर बनाया जाए। दूसरे ऐसे प्रोजेक्ट में माइक्रो एवं स्माल उद्योगों के लिए जगह निर्धारित की जाए।