लुधियाना में मंगलवार को बड़ी संख्या में भगवान गणपति के भक्तों ने श्रद्धा भाव के साथ बप्पा की मूर्ति का विसर्जन किया। शहर से गुजरने वाली सतलुज नहर में गणपति का विसर्जन किया गया। श्रद्धालु ढोल नगाड़ों के साथ मूर्ति का विसर्जन करने पहुंचे थे।
गणपति बप्पा मोरया मंगलमूर्ति मोरया के जयकारों से महानगर लुधियाना की सड़कें गूंज उठी। मौका था दस दिन तक पूजा-अर्चना के बाद बप्पा की बिदाई का। महानगर की विभिन्न संस्थाओं की तरफ से मंगलवार को प्रथम देव गणपति जी की मूर्ति विसर्जित की गई। मंगलवार को दो बड़ी शोभायात्रा भी निकाली गई। इसके अलावा अलग-अलग जगहों पर समारोह करवाए गए। महानगर के लोग गणपति के रंग में रंगे हुए नजर आए। कुछ लोगों ने नम आंखों से बप्पा को विदा किया और उनके अगले बरस जल्द आने की कामना की।
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युवा जागृति मंच और श्री गणेश मोहत्सव कमेटी की तरफ से दरेसी के राजा के तौर पर वहां भव्य गणपति समागम करवाया गया। दस दिन तक अलग-अलग पार्टियों की तरफ से बाबा गणपति जी का गुणगान किया। वहीं, दस दिन बाद मंगलवार को भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया। कमेटी के प्रधान महेश दत्त शर्मा ने बताया कि मंगलवार को शोभायात्रा एतिहासिक दरेसी ग्राउंड से शुरू होकर शिवपुरी रोड पहुंची। वहां टूटिया वाला मंदिर के बाहर बाबा का भव्य स्वागत किया गया।
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इसके अलावा शिवपुरी रोड पर कई लोगों की तरफ से बप्पा का स्वागत फूलों की वर्षा के साथ किया गया। अलग-अलग रास्तों से होते हुए शोभायात्रा नूरवाला चौक पहुंची और वहां से सीधे दोराहा नहर में देर शाम को बप्पा की मूर्ति का विधिवत रूप से विसर्जन किया गया।
महानगर में सबसे पुराने और भव्य समारोह आयोजन करने वाली संस्था गणपति सेवा संघ की तरफ से पंजाब का राजा गणपति जी का समारोह इस बार भी भव्य करवाया। संस्था के प्रधान हनी बेदी ने बताया कि जनकपुरी मेन रोड पर दस दिन तक अलग-अलग भजन मंडलियों की तरफ से बप्पा का गुणगान किया गया। मूर्ति विसर्जन से पहले शोभायात्रा निकाली जानी थी। मंगलवार को भव्य समारोह में प्रसिद्ध पंजाबी गायक रोशन प्रिंस की तरफ से बप्पा का गुणगान किया गया। इसके बाद शोभायात्रा आयोजित की गई। जो सूफिया चौक, किदवई नगर से होते हुए अमरपुरा पुली से होते हुए सिविल अस्पताल रोड और फिर फील्डगंज पहुंची। इस दौरान बप्पा का लोगों ने फूलों की वर्षा से स्वागत किया गया जिसके बाद शोभायात्रा देर शाम को जगरांव पुल पहुंची और वहां से सीधे सतलुज दरिया पर रात को बप्पा की मूर्ति का विसर्जन किया गया।