गांव गगड़ा स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा गोपालसर साहिब के मुख्य गेट पर फायरिंग के मामले में लुधियाना ग्रामीण पुलिस ने 48 घंटे में खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक, वारदात पुलिस सुरक्षा और असलहा लाइसेंस हासिल करने के लिए रची गई कथित साजिश का हिस्सा थी। पुलिस ने शूटर संदीप सिंह उर्फ सोनी को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में मुख्य सेवादार बाबा अमरजीत सिंह और संदीप सिंह को थाना सदर जगरांव में नामजद किया गया है।
पुलिस के अनुसार, 26-27 अक्टूबर की मध्यरात्रि को नकाबपोश हमलावर ने गुरुद्वारा साहिब के मुख्य गेट पर दो गोलियां चलाई थीं। मौके से बाबा अमरजीत सिंह को धमकी देने वाला पत्र भी मिला था। एसएसपी डॉ. अंकुर गुप्ता की निगरानी में गठित टीम ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, गांव कड़ियाल, जिला मोगा निवासी संदीप सिंह उर्फ सोनी पहले बाबा अमरजीत सिंह का अनुयायी था और गुरुद्वारा साहिब में रहता था।
करीब एक साल पहले वह गांव लौट गया था। पूछताछ में उसने कथित तौर पर बताया कि बाबा अमरजीत सिंह के कहने पर छह महीने से फायरिंग की योजना बनाई जा रही थी, ताकि मुख्य सेवादार के लिए पुलिस सुरक्षा और असलहा लाइसेंस हासिल करने का आधार तैयार हो सके।
पुलिस के अनुसार, संदीप छह महीने पहले उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से 32 बोर का देसी पिस्तौल और कारतूस खरीदकर लाया था। वारदात में इस्तेमाल पिस्तौल, मोटरसाइकिल और कपड़े उसकी निशानदेही पर बरामद किए गए हैं। अदालत ने उसे सात दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया।
शुक्रवार को बाबा अमरजीत सिंह की कथित करोड़ों की संपत्ति, कनाडा में गुरुद्वारा कमेटी से जुड़े उनके बड़े भाई और अकाली दल के स्थानीय नेताओं से नजदीकियों की चर्चाएं भी सामने आई हैं। हालांकि, इनकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। गगड़ा की घटना के अगले दिन तड़के 3:18 बजे राजोआणा कलां स्थित गुरुद्वारा मंजी साहिब के मुख्य सेवादार बलदेव सिंह के रिहायशी कमरे पर भी फायरिंग हुई थी। पुलिस दोनों घटनाओं के संभावित संबंध की जांच कर रही है। फिलहाल इनके बीच कोई संबंध आधिकारिक तौर पर सामने नहीं आया है।