लुधियाना संसदीय सीट इस बार हॉट सीट बनी हुई है। यहां सभी पार्टियों ने हल्ला बोल की तैयारी कर ली है। कांग्रेस को यहां लोक इंसाफ पार्टी के बैंस बंधुओं के आने से बूस्टर डोज मिली है। वहीं, भाजपा यहां भी मोदी व राम के भरोसे है।
आप को मुफ्त बिजली, महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा जैसी योजनाओं का सहारा है। वहीं, शिअद लगातार क्षेत्रीयता का मुद्दा उठा रह है। शिअद का कहना है कि केंद्रीय पार्टियां कभी पंजाब का दर्द नहीं समझ सकतीं।
लुधियाना से दो बार सांसद रहे रवनीत सिंह बिट्टू ने चुनाव से पहले अचानक पाला बदला और भाजपा का कमल थाम लिया। नतीजतन तीन बार सांसद रहे रवनीत बिट्टू इस बार भाजपा के उम्मीदवार हैं। बिट्टू के पाला बदलने से एक तरफ कांग्रेसी समीकरण गड़बड़ाया और कांग्रेस ने इसे अपनी प्रतिष्ठा का सवाल बना लिया और यहां से प्रदेश प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को चुनाव मैदान में उतार दिया।
पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने भी शपथ ली है कि किसी भी हाल में बिट्टू को जीतने नहीं देना। इसके अलावा आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस से ही आप में पहुंचे हलका सेंट्रल के विधायक अशोक पराशर पप्पी को चुनाव मैदान में उतारा है, जबकि शिअद ने पूर्व विधायक रंजीत सिंह ढिल्लों पर दांव खेला है।
वर्ष 2019 के चुनाव में लोक इंसाफ पार्टी के सिमरजीत सिंह बैंस ने 3.07 लाख वोट लेकर दूसरे स्थान पर रहे थे, वे इस बार चुनाव नहीं लड़ रहे और अब उन्होंने अपनी पार्टी का विलय भी कांग्रेस में कर दिया है, इस बार बैंस ब्रदर्स कांग्रेस का समर्थन कर रहे हैं। साफ है कि वर्ष 2014 से बैंस ने इस संसदीय क्षेत्र में मुकाबला चौतरफा किया हुआ था। वर्ष 2014 में कांग्रेस, अकाली भाजपा, आप एवं बैंस के बीच चौकोना मुकाबला था। वर्ष 2019 में कांग्रेस, लोक इंसाफ पार्टी, अकाली भाजपा और आप के बीच मुकाबला था। वर्ष 2024 में गठबंधन टूटने के बाद अकाली दल एवं भाजपा अलग अलग चुनाव मैदान में हैं, जबकि आम आदमी पार्टी एवं कांग्रेस भी ताल ठोक रहा है।
बिट्टू को मोदी और राम नाम का सहारा
इन चुनावों में बिट्टू को मोदी सरकार की उपलब्धियों के अलावा राम मंदिर का सहारा है। शहर में अब राम मंदिर के पोस्टर भी लगने शुरू हो गए हैं, जिनमें लिखा है कि जो राम को लाए हैं, हम उनको लाएंगे। साफ है कि बिट्टू को मोदी एवं राम का ही सहारा है। साथ ही बिट्टू पिछली तीन बार से लगातार सांसद हैं और एक बार भी वे चुनाव नहीं हारे हैं, ऐसे में उनकी साख भी दांव पर है।
वड़िंग को प्रदर्शन दोहराने का विश्वास
कांग्रेस के अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को लगता है कि यह कांग्रेस की सीट है और पिछली तीन बार से कांग्रेस के उम्मीदवार ने इस सीट पर जीत दर्ज की है। पिछली बार 3.07 लाख वोट हासिल करने वाले सिमरजीत सिंह बैंस भी अब उनके साथ हैं। ऐसे में वे अपना दावा भी मजबूत मान रहे हैं। उधर, आम आदमी पार्टी के अशोक पराशर पप्पी सूबे में दो साल की उपलब्धियां गिना रहे हैं। स्कूल ऑफ एमिनेंस, आम आदमी क्लीनिक के अलावा मुफ्त बिजली, महिलाओं को मुफ्त में बस सफर इत्यादि बातें करके वोट मांग रहे हैं, जबकि अकाली दल के रंजीत सिंह ढिल्लों कह रहे हैं कि पंजाब का भला क्षेत्रीय पार्टी ही कर सकती है, राष्ट्रीय दलों के अपने स्वार्थ होते हैं। साफ है कि इस बार मुकाबला काफी दिलचस्प है।
इन मुद्दों पर हो रही चर्चा
ज्यों ज्यों मतदान का दिन नजदीक आ रहा है, एक तरफ शहर का तापमान लगातार बढ़ रहा है, दूसरी तरफ सियासी पारा भी अपने चरम पर है। शहर के रोज गार्डन में सैकड़ों की संख्या में लोग सैर करने के लिए आते हैं, इनमें बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक सभी शामिल हैं। राजनीतिक माहौल में गार्डन में भी चुनावी चर्चा सुनने को मिल जाती है। रोज गार्डन में बुजुर्गों का ग्रुप पहले अपने दुख-सुख साझा कर रहा था कि तभी उनकी राजनीति पर चर्चा शुरू हो गई।
एसबीआई से रिटायर्ड सीनियर मैनेजर महेश राज शर्मा ने कहा कि मोदी सरकार ने दस साल में एक तरफ देश को विश्व की अग्रणी कतार में खड़ा कर दिया, दूसरी तरफ गरीबों के उत्थान के लिए स्कीमें चला कर उनका भी कल्याण किया। तभी बीच में गुरमुख सिंह बोले कि यार काम को आम आदमी पार्टी भी सही कर रही है, 300 यूनिट तक बिजली मुफ्त मिल रही है। महिलाओं का सफर भी फ्री है।
इतने में बगल में बैठे पीएस भोगल भी बोल पड़े कि चुनाव में शहर के मुद्दों पर कोई ध्यान नहीं दे रहा। दशकों से करोड़ों रुपये खर्च करके भी बुड्ढा दरिया की दिशा और दिशा नहीं सुधरी है। हालांकि, अब भी साढ़े छह सौ करोड़ के कायाकल्प प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है, लेकिन अभी तक लगता है कि दरिया की स्थिति जस की तस है। तभी विजय अग्रवाल बोले कि शहर में दिक्कतें ही दिक्कतें हैं। ट्रैफिक का बुरा हाल है और प्रदूषण बढ़ता ही जा रहा है। हालत यह है कि आज तक शहर में सशक्त सार्वजनिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम तक भी विकसित नहीं हो पाया। लुधियानवी सिर्फ ऑटो के ही भरोसे हैं और बातें मेट्रो चलाने की हो रही हैं, बसें तो चला नहीं सकते।
आरोप-प्रत्यारोप के बाद मुद्दों पर लौटे राजनेता
आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति के बाद इस चुनाव में भाजपा के रवनीत बिट्टू एवं कांग्रेस के राजा वड़िंग ने लुधियाना को लेकर अपना-अपना विजन डॉक्यूमेंट पेश किया है। इसमें दोनों ने ही शहर में बुड्ढा दरिया का कायाकल्प करना, दिल्ली के प्रगति मैदान की तर्ज पर प्रदर्शनी सेंटर बनाना, शहर को अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट देना, शहर में मेट्रो चलाना, शहर के चारों तरफ रिंग रोड बनवाना, शहर में एम्स एवं पीजीआई की तर्ज पर सरकारी अस्पताल बनवाना, औद्योगिक पार्क बनवाना, औद्योगिक ढांचागत विकास करना इत्यादि वादे किए गए हैं, जबकि आप के अशोक पराशर पप्पी शहर में पीजीआई जैसा अस्पताल बनवाने की बात करते हैं। उधर रंजीत सिंह ढिल्लों कहते हैं कि पंजाब का विकास ही हमेशा अकाली दल के कार्यकाल में ही हुआ है। इससे पहले जन मुद्दे लगभग गायब थे, सिर्फ आरोप प्रत्यारोप का सिलसिला चलता रहा। भाजपा के रवनीत सिंह बिट्टू एवं कांग्रेस के राजा वड़िंग में जुबानी जंग अब भी जारी है। सिमरजीत सिंह बैंस के कांग्रेस में आने के बाद यह जंग और तेज हो गई, जब बैंस ने बिट्टू और उनकी ऑडियो क्लिप वायरल कर दी। इसके बाद बिट्टू चारों तरफ से घिरते नजर आए।
लुधियाना संसदीय सीट पर 17.58 लाख से अधिक मतदाता
लुधियाना संसदीय क्षेत्र में वर्ष 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए वोटरों की कुल संख्या 17,58,614 है। इनमें पुरूष मतदाताओं की संख्या 937094 है, महिला मतदाताओं की संख्या 8,21,386 है। साथ ही 134 ट्रांस जेंडर मतदाता भी अपने मताधिकार का उपयोग कर सकेंगे।
वर्ष 2019 का जनादेश
वर्ष 2019 में लुधियाना संसदीय सीट से कुल 22 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे। इन चुनावों में कांग्रेस के रवनीत सिंह बिट्टू ने लोक इंसाफ पार्टी के सिमरजीत सिंह बैंस को हराया था। तीसरे नंबर पर अकाली-भाजपा के उम्मीदवार महेश इंद्र सिंह गरेवाल रहे थे और चौथे नंबर पर आम आदमी पार्टी के प्रो तेजपाल मलिक ने अपनी जगह बनाई थी। इन चुनावों में बिट्टू को 36.66 फीसदी वोट मिले थे।
पार्टी- उम्मीदवार- वोट पड़े
कांग्रेस- रवनीत सिंह- बिट्टू- 3,83,795
लोक इंसाफ पार्टी- सिमरजीत सिंह बैंस- 3,07,423
अकाली-भाजपा- महेश इंद्र सिंह गरेवाल- 2,99,435
आम आदमी पार्टी- प्रो. तेजपाल गिल- 15,945
(वर्ष 2019 में कांग्रेस के रवनीत बिट्टू 76,372 वोट से विजयी रहे थे)
वर्ष 2014 का जनादेश
लुधियाना संसदीय सीट पर वर्ष 2014 में हुए लोकसभा चुनावों में कांग्रेस के रवनीत सिंह बिट्टू ने आम आदमी पार्टी के नेता हरविंदर सिंह फूलका को हराया था। इन चुनावों में अकाली भाजपा का उम्मीदवार मनप्रीत सिंह अयाली तीसरे और आजाद पर पर चुनाव लड़ने वाले सिमरजीत सिंह बैंस चौथे नंबर पर रहे थे। इस चुनाव में बिट्टू को 27.3 फीसदी वोट मिले थे।
पार्टी- उम्मीदवार- वोट पड़े
कांग्रेस- रवनीत सिंह बिट्टू- 3,00,459
आम आदमी पार्टी- एचएस फूलका- 2,80,750
अकाली-भाजपा- मनप्रीत सिंह अयाली- 2,56,590
आजाद- सिमरजीत सिंह बैंस- 2,10,917
(कांग्रेस के रवनीत सिंह बिट्टू 19,709 वोट से विजयी रहे थे)