सिरसा का किंगपिन प्रगट पुलिस गिरफ्त से बाहर
18 नवंबर को कर्मचारी के खाते में पांच लाख डालकर अगले ही दिन निकलवाई राशि
संवाद न्यूज एजेंसी
जगरांव। तीन दिन पहले तेलंगाना पुलिस की ओर से डिस्पोजल रोड पर बीएसएनएल फाइबर का काम करने वाले शास्त्री नगर निवासी राहुल शर्मा को डिजिटल अरेस्ट व साइबर ठगी के लिए डाली गई गिरफ्तारी के बाद इस मामले की परतें रोजाना धीरे-धीरे खुल रही हैं। शहर में एक के बाद एक कई ऐसे लोगों के नाम सामने आ रहे हैं जिनके खातो में आका की ओर से ठगी की राशि डलवाकर बाद में खाते फ्रीज करवाए गए हैं।
तेलंगाना पुलिस ने अभी तक जगरांव से सिर्फ राहुल शर्मा को ही काबू किया है परंतु पुलिस सूत्रों की मानें ताे राहुल शर्मा के खाते में पांच लाख से ज्यादा की राशि डालने वाला हरियाणा के सिरसा का प्रगट सिंह ही सारे काम का किंगपिन है। यदि वह पुलिस के हाथ आया तो करोड़ों की इस ठगी का सारा भेद खुल सकता है।
शुक्रवार को की गई पड़ताल में कई अहम खुलासे सामने आए हैं। लुधियाना मोगा रोड पर रैड वेड सिनेमा के पास मौजूद एक निजी बैंक में जहां कई आका के परिवार के सदस्यों के खाते तक फ्रीज करवाए हुए हैं वहीं, राहुल की दुकान पर काम करते उसके कर्मचारी के खाते में भी पांच लाख की एक एंट्री आका की ओर से डलवाए जाने की बात सामने आई है। 18 नवंबर को पांच लाख डाले गए और डालने के अगले ही दिन रुपये निकलवा लिए गए।
इस पांच लाख की एंट्री के संबंध में डीएसपी तेलंगाना डीवी रैड्डी को फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया परंतु रास्ते में होने के चलते उनका नंबर आउट ऑफ कवरेज एरिया ही आता रहा। तेलंगाना में हुई 22 लाख की साइबर ठगी के बाद कुल चार बैंक खातों में ठगी की सारी राशि डाली गई थी जिसमें एक बड़ी एंट्री हरियाणा के सिरसा के प्रगट सिंह के अकाउंट में आई थी। प्रगट ने ही जगरांव के आका के कहने पर पांच लाख की राशि राहुल शर्मा के अकाउंट में ट्रांसफर की थी। इसके बाद राहुल शर्मा पर वहां पर मामला दर्ज किया गया। बार-बार मीडिया कर्मियों की ओर से कोर्ट में राहुल शर्मा से उसके आका का नाम पूछा गया परंतु उसने अपना मुंह नहीं खोला। वह यही कहता रहा कि उसके पास जो प्रगट सिंह का आधार कार्ड था वो उसने तेलंगाना पुलिस को सौंप दिया है।