लुधियाना। पंजाब की लुधियाना कोर्ट में ब्लास्ट के मामले में रोजाना कई तरह की पर्ते खुलती जा रही है। जांच के दौरान एजेंसियों को पता चला कि कोर्ट में ब्लास्ट करने से करीब 12 दिन पहले अमृतसर से किसी से मिलने के लिए गया था। अब जांच एजेंसियों की सुई होशियारपुर जसविंदर सिंह मुल्तानी के घर के साथ साथ अमृतसर में भी पहुंच गई है।
जांच एजेंसियां यह आशंका जता रही है कि गगनदीप सिंह अमृतसर के बार्डर एरिया से लुधियाना में ब्लास्ट करने के लिए एक्सप्लोसिव लाया था। सूत्र बताते है कि इस बात का एजेंसियों को उसके मोबाइल की कॉल डिटेल से निकाले गए ट्रेवल रिकॉर्ड से यह खुलासा हुआ है।
सूत्र बताते है कि एजेंसियां अब यह जांच करने में जुटी है कि गगनदीप सिंह अमृतसर में किस किस से मिला था और कहीं उसने वहीं से ब्लास्ट करने की ट्रेनिंग तो नहीं ली। जांच एजेंसियों को इसके अलावा कई इनपुट्स मिले है। जिस पर टीमें लगातार जांच करने में जुटी है।
जेल से जमानत पर बाहर आने के बाद गगनदीप सिंह लगातार अपने पुराने कुछ अधिकारियों और साथियों के संपर्क में था। वह इंस्पेक्टर लेवल के दो अधिकारियों से भी लगातार मिलता रहा और एक साथी मुलाजिम की कार इस्तेमाल करने के लिए अक्सर ले जाता था।
जांच के दौरान एजेंसियों को यह बात पता चली तो एजेंसियों ने दो पूर्व एसएचओ और उक्त मुलाजिम को भी पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है। उनसे भी जांच एजेंसियां लगातार पूछताछ करने में जुटी है।
रंजीत बाबा और सुखजिंदर बाक्सर को पूछताछ के लिए की ओर ले गई थी टीमें
सूत्र बताते हैं कि अमृतसर में गगनदीप के जाने का पता एजेंसियों को रंजीत चीता और बाक्सर से पूछताछ के दौरान चला था। एजेंसियों को शक है कि आरोपियों ने कहीं उसे ब्लास्ट के लिए ट्रेनर से तो नहीं मिलवाना था या विस्फोटक सामग्री दिलाने में सहायता की थी। नाम न छापने की शर्त पर एक अधिकारी ने बताया कि खन्ना से लुधियाना आते समय गगनदीप के साथ कोई और शख्स हो सकता है, जिसकी जांच में लिए एजेंसियां जुटी हुई हैं। उसकी सफेद रंग की एक्टिवा खन्ना से मिली थी। खन्ना में गगनदीप सिंह के घर पर अभी भी सुरक्षा एजेंसियों की निगाह बनी हुई है। उनके घर आने जाने वालों पर निगाह रखी जा रही है। पुलिस को शक है कि गगनदीप सिंह के साथ कुछ अन्य लोग भी हो सकते हैं जो आतंकवादियों के संपर्क में हों। यह भी शक है कि वह कुछ अन्य लोगों को भी उक्त लोगों से मिलवाकर गया हो।
प्रोडक्शन वारंट पर लाए दोनों आरोपियों को पूछताछ के लिए ले गई थी टीमें
जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाए गए रंजीत बाबा और सुखजिंदर बाक्सर को बुधवार टीमें अपने साथ ले गई थी। कड़ी सुरक्षा के बीच ही दोनों को पूछताछ के लिए कहीं ले जाया गया था। सूत्र बताते हैं कि बाक्सर काफी समय से आतंकी संगठनों के संपर्क में था। गगनदीप सिंह जब थाना सदर खन्ना में मुंशी था तो उसकी मुलाकात थाने के अंदर ही बाक्सर से हुई थी। बाक्सर अपने गैंग का सरगना था और नेशनल चैंपियन था। 2012 में सुखविंदर के खिलाफ नवांशहर में भी मामला दर्ज हुआ था। उसके कब्जे से आरडीएक्स बरामद हुआ था। पटियाला की नाभा जेल में जब बाक्सर बंद था तो वहां उसकी मुलाकात कश्मीरा के साथ हुई थी। उसके बाद भी बाक्सर कई वारदातों को अंजाम दे चुका है। सुखजिंदर बाक्सर पर पंजाब के अलग अलग थानों में 11 मामले दर्ज है।