कस्बा धनौला क्षेत्र में वीरवार को खेतों को आग लगी गई। नतीजतन 500 एकड़ नाड़ जलकर राख हो गया और 400 एकड़ के करीब खडी गेहूं की पकी हुई फसल राख हो गई। आग से एक एकड़ सरसों की फसल का नुकसान हो गया। इस आग की चपेट में चार दलित महिलाएं आकर गंभीर रूप से जख्मी हो गईं।
पीड़ित किसान लक्खा सिंह, हरदीप सिंह, नवदीप सिंह, जगतार सिंह, जीत सिंह, बहादुर सिंह इत्यादि ने बताया कि नजदीकी खेतों में नाड़ को आग लगाई गई थी, लेकिन तेज हवा के कारण आग आगे बढ़ गई। आग इतनी तेजी से फैली कि खेतों में कार्य करती चार मजदूर महिलाएं सुरजीत कौर पत्नी करनैल सिंह, शिंदर कौर पत्नी गुरमेल सिंह, विंदर कौर पत्नी काका सिंह व सीतों पत्नी दलीप सिंह आग की चपेट में आकर गंभीर रूप से जख्मी हो गईं।
उनको गंभीर हालत में सिविल अस्पताल धनौला में दाखिल करवाया गया। इलाज कर रहे डाक्टर कंवलजीत सिंह ने बताया कि यह महिलाएं 50 प्रतिशत जल गई हैं। उनको राजिंदरा अस्पताल रेफर किया जा रहा है। किसान बलवंत सिंह सिद्धू ने बताया कि आग इतनी भयंकर थी कि आग की चपेट में आकर कई बिजली का ट्रांसफार्मर जल गए। कई बिजली की मोटरें जल गईं, केबल तारें जलकर राख हो गईं।
उसने बताया कि दो फायर ब्रिगेड की गाड़िया आई थीं, लेकिन आग बुझाते बुझाते उनमें पानी खत्म हो गया पर आग काबू में नहीं आई। आधा दर्जन के करीब गांवों में अफरातफरी मच गई। गुरुद्वारे के स्पीकर से अनाउंसमेंट करवाई गई। लोगों ने एकत्रित होकर आग पर बड़ी मुश्किल से काबू पाया।
घटनास्थल पर डीएसपी पलविंदर सिंह चीमा, तहसीलदार कुलभूषण कुमार शर्मा, थाना प्रभारी गुरजंट सिंह पहुंच गए। किसान यूनियन के नेता बलोर सिंह ने जिला प्रशासन व राज्य सरकार से मांग की कि किसानों को तुरंत हुए नुकसान का मुआवजा जारी किया जाए और दलित परिवारों की माली सहायता करने के साथ साथ जली हुईं महिलाओं के मुफ्त इलाज किया जाए।