पिछले दिनों जगरांव में चौकी-मान टोल प्लाजा पर टोल प्लाजा कर्मियों ने किसानी कार्ड बद करने का फरमान जारी करते हुए एक बोर्ड लगा दिया था। उस पर लिखा था कि किसान कार्ड को किसी भी लाइन में छूट नहीं है। वीआईपी लाइन से सिर्फ इमरजेंसी गाड़ी, एबुलेंस, वीआईपी और अधिकारी आदि ही निकलेंगे। किसानों को किसी भी लाइन में टोल की छूट नहीं होगी।
इस पर किसानों का गुस्सा भड़क गया। किसान जत्थेबंदियों ने टोल प्लाजा को घेरना शुरू कर दिया। माहौल तनावपूर्ण होता देख टोल प्लाजा के अधिकारियों ने सिविल प्रशासन समेत पुलिस विभाग को शिकायत तक दर्ज करवा दी। टोल अधिकारियों का कहना था कि रोजाना हजारों गाड़ियां किसानी कार्ड दिखा कर बिना टोल दिए ही निकल जाती हैं। इससे उनका रोजाना का लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। उन्होंने हजारों फर्जी किसानी कार्ड पकड़े हैं जिनका किसानी से कोई लेना देना नहीं है।
इसके बाद किसानों व टोल प्लाजा अधिकारियों के बीच बैठक हुई। किसानों ने कहा कि पहले लगान के नाम पर अंग्रेजों ने लूटा अब टोल टैक्स के नाम पर लूटा जा रहा है। वाहन लेते समय रोड टैक्स पहले ही जमा करवा देते हैं। जब सरकार ने टोल टैक्स ही लेना है तो फिर रोड टैक्स क्यों लिया जाता है। इस दौरान फैसला हुआ कि किसानी झंडे वाली गाड़ी को ही बिना टोल दिए निकलने दिया जाएगा। अगर बिना झंडे के गाड़ी टोल से निकलेगी तो टोल लगेगा।
वहीं फर्जी किसानी कार्डों को लेकर टोल प्लाजा अधिकारियों ने कहा कि अब ऐसे जाली किसानों की खैर नहीं है जो सिर्फ टोल टैक्स बचाने के लिए किसी कैफे से किसानी कार्ड बनवाकर टोल दिए बिना निकल रहे थे। अब उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
ब्लॉक अध्यक्ष तरसेम सिंह ने कहा कि पंजाब भर में कुछ शातिर लोगों द्वारा किसान संगठनों को बदनाम करने के लिए फर्जी किसान कार्ड बनाए गए हैं। ऐसे लोगो का उनका संगठन कड़ा विरोध करता है।भारतीय किसान यूनियन एकता डकौंदा के जिला अध्यक्ष जगतार सिंह देहड़का ने कहा कि उनका संगठन लंबे समय से मांग कर रहा है कि राज्य भर में लोगों पर सरकारों द्वारा अवैध रूप से थोपे गए इस बोझ को खत्म किया जाए और सभी सड़कों से टोल प्लाजा को खत्म किया जाए। हर व्यक्ति से गाड़ी रजिस्ट्रेशन के लिए रोड टैक्स बहुत ज्यादा लिया जाता है।
टोल प्लाजा प्रबंधक अजय कुमार के साथ संगठन की हुई बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि जिस भी वाहन पर संगठन का झंडा लगा होगा, उस वाहन को छूट दी जाएगी। बैठक में इंदरजीत सिंह लोधीवाल, बेअंत सिंह बैनीवाल, अमरजीत सिंह, जगजीत सिंह कलेर, सरबजीत सिंह धूरकोट, कुलवंत सिंह, पाल सिंह, निर्मल सिंह, जसविंदर सिंह, अजमेर सिंह, सुरजीत सिंह, मक्खन सिंह उपस्थित थे।