माछीवाड़ा (लुधियाना)। कर्ज और आर्थिक रूप से परेशान किसान ने सोमवार को जहर निगलकर जान दे दी। परिजनों ने मंगलवार को गांव में उसका अंतिम संस्कार कर दिया।
पुलिस के मुताबिक करीब तीन एकड़ जमीन के मालिक गांव सिंकदरपुर वासी रेशम सिंह ने ठेके पर जमीन लेकर कुल दस एकड़ में धान की फसल बीजी थी।
पहले से करीब सात लाख के कर्ज में डूबे रेशम के परिवार को अपनी धान की लहलहाती फसल देखकर यकीन हो गया था कि इस बार परिवार का कर्ज आसानी से चुकता हो जाएगा।
क्षेत्र में पिछले दिनों आए तेज तूफान की चपेट से रेशम सिंह के खेत भी नहीं बच पाये और फसल प्रभावित हुई। कुछ दिन पहले यह अभागा किसान फसल लेकर मंडी पहुंचा, तो बदरंग धान के कारण इसका पूरा मूल्य नहीं मिल पाया। इससे उधार के पैसे लौटाने की भी समस्या पैदा हो गई।
इसी उधेड़बुन में रेशम मंडी से घर पहुंचा और सोमवार को कोई जहरीली वस्तु (कीडे़ मार दवाई) निगल ली। अस्पताल में इलाज के दौरान रेशम की मौत हो गई। परिवार में उसकी पत्नी और तीन बच्चे हैं।
रेशम की पत्नी गुरमीत कौर ने कहा कि बदंरग फसल व कम झाड़ ने उसके पति को अंदर से तोड़ कर रख दिया था। सारे परिवार के सपने बिखर चुके थे। ऊपर से कर्ज का बोझ उसे खाए जा रहा था। इसी के चलते उसके पति ने ऐसा कदम उठाया। शेरपुर चौकी के इंचार्ज पवित्र सिंह ने पोस्टमार्टम करवा कर लाश परिजनों को सौंप दी।