खन्ना में संपत्ति का सौदा करने हांगकांग गए अकाली नेता समेत तीनों व्यक्तियों को छुड़ा लिया है। इनमें माछीवाड़ा निवासी अकाली नेता जत्थेदार मनमोहन सिंह, वकील गुरिंदर सिंह एवं बैंक प्रबंधक सतविंदर सिंह शामिल हैं।
पुलिस ने इस संबंध में एक आरोपी सिमरनजीत सिंह को काबू किया है। यह जानकारी खन्ना के एसएसपी सुशील कुमार ने सोमवार शाम को दी।
काबिलेजिक्र है कि माछीवाड़ा निवासी नगिंदर सिंह ने पुलिस को शिकायत की थी कि उनकी कुछ जमीन लुधियाना के जगरांव पुल के पास है।
उसका सौदा हांगकांग की एक पार्टी को 10 करोड़ 90 लाख रुपये में तय किया। आरोपी सिमरनजीत ने कहा कि पेशगी के तौर पर हांगकांग से पांच लाख रुपये उसके पास आ गए हैं। बाकी की पेमेंट लेने के लिए हांगकांग जाने को कहा गया।
इस पर नगिंदर का भाई मनमोहन सिंह और उसके दो दोस्त सिमरनजीत के साथ 23 अक्तूबर को चले गए। वहां आरोपी सिमरनजीत ने अपनेसाथ काम करने वाले अली और मनजिंदर सिंह (मनी) निवासी मोगा जोकि हांगकांग में पहले से रह रहे हैं, उनसे मिलवाया।
इसके बाद उन्होंने मनमोहन और उनके दोनों साथियों को अगवा करने का फोन नगिंदर को किया। नगिंदर को धमकी दी कि अगर आप लोेग इन की जिदंगी चाहते हैं तो हमें दस करोड़ रुपये दे दो। मनी ने कहा कि आपको 10 करोड़ रुपये कहां और कब देने हैं, यह सिमरनजीत बताएगा।
सिमरनजीत 27 अक्तूबर को वापस आ गया और उसने फोन कर कहा कि पैसे समराला के मालवा पैलेस के पास दे दो। इस पर नगिंदर ने उसे पांच लाख रुपये की पहली किश्त 27 अक्तूबर को दे दी। साथ ही इसकी सूचना पुलिस को दे दी। पुलिस की छानबीन के बाद पता चला कि आरोपी लुधियाना कलसी रिसार्ट के पास घूम रहा है।
खबर मिलते ही खन्ना पुलिस ने उसे वहां से गिरफ्तार लिया। उसके कब्जे से पांच लाख रुपये पेशगी की रकम भी बरामद कर ली है। अब पुलिस इंटरपोल के जरिए हांगकांग में बैठे आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है।