बठिंडा में प्रदर्शन करते किसानों को हिरासत में लेती पुलिस।
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किसान यूनियनों की ओर से मंगलवार को बठिंडा में प्रदेश सरकार के खिलाफ राज्य स्तरीय होने वाले रोष प्रदर्शन को पुलिस ने सफल नहीं होने दिया।
मंगलवार सुबह से ही पुलिस प्रशासन ने पूरे जिले को छावनी में तबदील कर दिया था। जिले और शहर के अंदर आने वाले सभी रास्तों पर भारी पुलिस फोर्स को तैनात कर दिया था। पुलिस ने रोष प्रदर्शन के लिए दूसरे जिलों से आए सैकड़ों किसानों और महिलाओं को हिरासत में लिया। उनको जिले के विभिन्न पुलिस थानों में बंद कर दिया गया।
किसान नेता जसवीर सिंह ने बताया कि सरकार के खिलाफ लगभग 50 दिनों से मिनी सचिवालय के सामने किसान धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। वह कर्ज मुक्ति के लिए विशेष निति और बेरोजगारों के लिए नौकरी के प्रबंध करने की मांग कर रहे हैं। इसके तहत उन्होंने सोमवार को प्रदेश सरकार के खिलाफ बठिंडा में राज्य स्तर पर रोष प्रदर्शन करना था।
उन्होंने बताया कि पुलिस ने सरकार की शह पर कई किसान नेताओं को उनके घर से ही हिरासत में ले लिया। किसान नेता ने बताया कि प्रदेश सरकार की किसान विरोधी नीतियों की वजह से आए दिन कर्ज या फिर किसी अन्य कारण वश किसान और मजदूर खुदकुशी कर रहे हैं। इसके बाद भी सरकार और जिला प्रशासन की आंखें नहीं खुल रही।
किसान नेता ने राज्य के किसानों के लिए कर्ज मुक्ति योजना बनने की मांग की है। किसानों ने सरकार के आगे किसानी को फायदेमंद बनने के लिए यत्न करने की भी मांग की है। किसानों ने शहर के बीबी वाला चौक, बठिंडा अमृतसर नैशनल हाईवे और बठिंडा-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर भी प्रदेश सरकार के खिलाफ जाम लगाया था, जहां से पुलिस ने सैकड़ों किसानों को हिरासत में लिया।