पूर्व विधायक कुशलदीप सिंह किक्की ढिल्लों।
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अतिरिक्त जिला व सेशन जज जगदीप सिंह मढ़ोक की अदालत ने आय से अधिक संपत्ति मामले में पूर्व विधायक व प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष कुशलदीप सिंह किक्की ढिल्लों की जमानत याचिका रद्द कर दी है। विजिलेंस ने ढिल्लों को पिछले माह 16 मई को गिरफ्तार करके दो बार रिमांड पर लिया था। इन दिनों वह नाभा जेल में बंद हैं।
जिला अदालत से जमानत याचिका रद्द होने के बाद वह पंजाब हरियाणा उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल करेंगे। पूर्व विधायक ढिल्लों ने बीती एक जून को जिला अदालत में जमानत याचिका दाखिल की थी, जिस पर सोमवार को सुनवाई हुई। इस दौरान दोनों पक्षों के वकीलों के बीच करीब एक घंटे तक बहस हुई। बचाव पक्ष ने तर्क दिया गया कि उनकी संपत्ति से जुड़े सभी दस्तावेज सार्वजनिक रूप से आयकर व चुनाव आयोग विभाग के पास उपलब्ध हैं। जमानत मिलने पर इन दस्तावेजों से कोई छेड़छाड़ संभव नहीं है।
राज्य सरकार ने याचिका पर विरोध करते हुए कहा कि चूंकि अभी केस की जांच चल रही है और जमानत देने से जांच प्रभावित हो सकती है। विजिलेंस ने करीब छह माह पहले एक शिकायत के आधार पर पूर्व विधायक कुशलदीप सिंह किक्की ढिल्लों के खिलाफ जांच शुरू की थी। उनके साल 2017-2022 तक के विधायक कार्यकाल के दौरान उनकी आमदनी और खर्च का जायजा लिया गया।
उन्हें करीब 11 बार पूछताछ के लिए बुलाया गया था। इस केस में ढिल्लों के साथ दो अन्य लोगों को भी नामजद किया गया और दावा किया कि पूर्व विधायक ने इन दोनों के नाम पर सादिक क्षेत्र में बेनामी जमीन खरीदी है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें दो बार 17 मई व 22 मई को क्रमवार 5 दिन व 2 दिन रिमांड पर लिया गया और 24 मई को तीसरी बाद अदालत में पेशी के बाद उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। हालांकि उन्हें दो दिन फरीदकोट जेल में ही रखा गया। बाद में जेल प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देकर उन्हें नाभा जेल भेज दिया है।