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नौकरानी को नाजायज हिरासत में रखने पर फिरोजपुर रोड जाम

Tue, 02 Feb 2016 09:30 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/लुधियाना
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बाड़ेवाल रोड स्थित शेरे पंजाब कालोनी में डॉ. राकेश अग्रवाल की पत्नी और मां की हत्या के मामले ने मंगलवार को नया रुख ले लिया। इस हत्या के मामले में पुलिस ने घर की नौकरानी को हिरासत में ले रखा था।
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इससे गुस्साए उसके परिजनों और रिश्तेदारों ने मंगलवार सुबह सवा 11 बजे वेरका मिल्क प्लांट के बाहर रोड जाम कर दिया। परिजनों का आरोप था कि पुलिस ने पिछले तीन दिन से पूजा और उसके पति राजेश को नाजायज तौर पर हिरासत में रखा हुआ है। उन्होंने कहा कि इस हत्याकांड में पुलिस जबरदस्ती दोनों को फंसाने में लगी हुई है।

सूचना मिलते ही एसीपी वेस्ट रुपिंदर कौर सरां के साथ साथ पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं माने। पुलिस ने प्रदर्शन के करीब दो घंटे बाद सवा एक बजे दोनों को छोड़ दिया। जिसके बाद लोग उन्हें लेकर सिविल अस्पताल पहुंचे। जहां पर पूजा ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उस पर काफी अत्याचार किया है।
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पूजा के पड़ोसी दरोगा साहनी ने बताया कि बाड़ेवाल डबल मर्डर केस में पुलिस ने पूजा और उसके पति को तीन दिन से उठाया हुआ है। पहले तो पुलिस उसे बुलाती और पूछताछ के बाद छोड़ देती, लेकिन तीन दिन से उसे नाजायज तौर पर हिरासत में रखा हुआ है। उन्होंने दावा किया कि पूजा और उसके पति का इस हत्याकांड से कोई लेना देना नहीं है। पूजा मूल रुप से बिहार के जिला समस्तीपुर की रहने वाली है और पिछले सात साल से लुधियाना में रह रही है।

टांगों पर खड़े हो जाते थे पुलिस मुलाजिम, करंट लगाया
सिविल अस्पताल में भर्ती पूजा ने कहा कि वह पिछले एक साल से डॉक्टर के घर काम कर रही थी। रोजाना वह सुबह सफाई करने के बाद पड़ोसियों के घर काम करने चली जाती थी। दोपहर में फिर से डॉक्टर के घर काम करने जाती थी। घटना वाले दिन वह सुबह काम खत्म करने के बाद वहां से चली गई। पड़ोसियों के घर काम खत्म कर वह डॉक्टर के घर पहुंची तो उनके घर के दरवाजे खुले थे। जब वह अंदर गई तो दोनों महिलाओं के शव खून से लथपथ पड़े थे। उसने तुरंत इसकी जानकारी पड़ोसियों को दी। पड़ोसियों ने पुलिस को सूचित किया।

पूजा ने आरोप लगाया कि उसी दिन शाम को पुलिस ने उसे व उसके पति को घर से उठाकर नाजायज तौर पर हिरासत में रखा गया। दोनों को अलग-अलग थानों में रखा जाता था। पूजा ने आरोप लगाया कि कई पुलिस मुलाजिमों ने उस पर अत्याचार किया। उसके साथ मारपीट की गई और करंट लगाया गया। पूजा ने आरोप लगाया कि उसे अलग-अलग थानों में रखा जाता था। पांच-पांच पुलिस मुलाजिम जूते पहनकर उसकी टांगों पर खड़े हो जाते थे और पूछते थे कि उसने किसे बुलवा कर डॉक्टर की पत्नी और मां की हत्या करवाई है। वह बार-बार कहती थी कि उसका इस बात से कुछ लेना देना नहीं है लेकिन कोई उसकी बात नहीं सुनता था। तीन दिन में जो मुलाजिम उसके पास आता, उससे मारपीट कर चला जाता। तीन दिन में उसे चाय के अलावा कुछ खाने को भी नहीं दिया गया। वह बुधवार को इसकी शिकायत पुलिस कमिश्नर से करेंगे।
 
सभी आरोप बेबुनियाद : एसएचओ
थाना पीएयू के एसएचओ सुरिंदर चोपड़ा ने कहा कि प्रदर्शनकारियों और पूजा द्वारा लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं। किसी भी मुलाजिम ने पूजा और उसके पति के साथ मारपीट नहीं की। पुलिस ने सिर्फ पूछताछ के लिए दोनों को हिरासत में लिया था।
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