दिवाली की रात पटाखों की वजह से अलग-अलग इलाकों में 32 जगहों पर आग लग गई। इससे लोगों का करोड़ों रुपये का नुकसान हो गया वहीं कुछ लोग इस आग से झुलस भी गए। जिन्हें विभिन्न अस्पतालों में दाखिल कराया गया। घायलों में छह साल का एक बच्चा भी शामिल है।
गुड़मंडी की नौ दुकानें आग की चपेट में आकर राख हो गई, जबकि गांधी नगर में तीन मंजिला होजरी फैक्टरी को आग ने अपनी चपेट में ले लिया। सम्राट होटल के पास स्थित फैक्टरी में आग लगी वहीं चीमा चौक और मुंडियां में भी आग ने तांडव मचाया। सूचना मिलने के बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। कई जगहों पर लोगों का आरोप था कि फायर ब्रिगेड सूचना मिलने के बाद भी काफी देर बाद पहुंची। हालांकि फायर अधिकारी भूपिंदर सिंह ने कहा कि विभाग ने अपनी तरफ से कोई कसर नहीं छोड़ी है। दिवाली वाली रात विभाग के करीब सौ मुलाजिम अपनी ड्यूटी पर थे।
दिवाली की रात गुड़मंडी में पटाखे की वजह से एक कास्मेटिक की दुकान में आग लग गई। फायर ब्रिगेड को जानकारी दी गई, लेकिन उससे पहले ही आग ने साथ वाली दुकान को अपनी चपेट में ले लिया। एक-एक कर आग नौ दुकानों में फैल गई। सूचना मिलते ही पूरी मार्केट इकट्ठा हो गई। फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, जिन्होंने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इसी तरह गांधी नगर में कपिल गारमेंट की फैक्टरी में आग लग गई, जिससे वहां रखा सामान जल गया। चीमा चौक, मुंडियां कलां में भी फैक्ट्रियों को आग लग गई। जिससे लाखों रुपये का माल जल कर खाक हो गया। इसके अलावा महानगर में छोटी मोटी आग लगने की वारदात हुईं, जिसमें कई लोग जल गए। कुछ लोग तो पटाखे चलाते समय भी झुलस गए। इसमें सुंदर नगर इलाके में रहने वाला एक बच्चा भी शामिल है।
घरों से पानी लेकर बुझाई आग
दिवाली की रात बाल सिंह नगर बस्ती जोधेवाल इलाके में एक घर में आग लग गई। फोन करने पर फायर ब्रिगेड की तरफ से जवाब मिला कि वह खुद ही आग बुझाने का इंतजाम कर लें। इसके बाद दुकानदार ने इलाके के लोगों की मदद से करीब 15 घरों से पानी लेकर आग पर काबू पाया। बाल सिंह नगर की गली नंबर तीन में रहने वाले हरीश कुमार के घर बुधवार रात करीब पौने एक बजे सबसे ऊपर बने स्टोर में आग लग गई। वहां पुरानी लक्कड़ी, रुई और अन्य सामान पड़ा हुआ था। तुरंत ही फायर ब्रिगेड को फोन किया गया। फोन उठाने वाले ने जवाब दिया कि शहर में बाकी कई जगहों पर आग लगी हुई है। वह खुद ही आग बुझाने का इंतजाम कर लें। हरीश कुमार ने कहा कि उस समय 12.53 बजे थे। फिर वह इलाके के लोगों के साथ खुद ही आग पर काबू पाने की कोशिश करने लगे। 1.25 मिनट पर फिर से फायर ब्रिगेड को फोन किया, लेकिन तब भी वही जवाब मिला। फायर अधिकारी भूपिंदर सिद्धू ने कहा कि दिवाली की रात को कई जगहों पर आग लगी थी। स्टाफ की कमी के कारण मुलाजिमों ने कह दिया होगा कि आग पर काबू करने की कोशिश की जाए।