बेटे की करतूत पर माता-पिता के सामाजिक बहिष्कार का फैसला लुधियाना के गांव जौहलां की पंचायत को वापस लेना पड़ा। प्रशासनिक अफसरों के कड़े तेवर देख सरपंच ने लिखित में अपनी गलती मानी और पीड़ित परिवार को सुरक्षा व सहयोग का भरोसा दिया। सरपंच के पति ने गांव की दुकान से उन्हें राशन दिलाया और सभी प्रतिबंध हटाए जाने की जानकारी दी। फैसला वापस होने के बाद पीड़ित परिवार राहत महसूस कर रहा है।
पीड़ित परिवार ने बिलखते हुए बताया कि वह 10 दिन से खुद को अपमानित महसूस कर रहे थे। दहशत में अपने घर में कैदियों की तरह बंद थे। राशन पानी तक को तरस गए थे। आज सरपंच के पति ने खुद आकर जानकारी दी कि सामाजिक बहिष्कार का फैसला वापस ले लिया गया है। उन्होंने दुकान से राशन भी दिलवाया तथा पंचायत की ओर से लगाए गए सभी प्रतिबंध खत्म करने की सूचना दी। हरजीत सिंह ने रुंधे गले से हाथ जोड़ते हुए कहा कि हमारी पीड़ा को अफसरों तक पहुंचाने के लिए अमर उजाला के शुक्रगुजार रहेंगे। वह 10 दिन से बेहद उपेक्षित जीवन जी रहे थे। अब थोड़ा सुकून महसूस कर रहे हैं।
भारतीय किसान यूनियन एकता डकौंदा के जिला प्रधान मोहिंदर सिंह कमालपुरा की अगुवाई में यूनियन के कार्यकर्ताओं ने एसडीएम रायकोट के कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया। यूनियन ने प्रशासन को चेतावनी दी कि अगर पंचायत या उनके किसी नेता कार्यकर्ता पर केस दर्ज किया तो संघर्ष किया जाएगा। इसके बाद यूनियन के प्रतिनिधिमंडल एसडीएम गुरबीर सिंह कोहली ने मिलने के लिए बुलाया और बंद कमरे में उन्हें मामले की गंभीरता से अवगत कराया। साथ ही इस केस में बनती कानूनी कार्रवाई की जानकारी दी। इसके बाद यूनियन नेताओं के तेवर नरम पड़े और मिलजुल कर सामाजिक बहिष्कार का फैसला वापस लेने पर सहमति बनी।
सरपंच रंजीत कौर ने लिखा है कि पंचायत ने जल्दबाजी और तैश में आकर गांव के गुरुद्वारे से हरजीत और परमजीत कौर के परिवार का सामाजिक बहिष्कार किया था, जो पंचायत के लेटर हेड पर लिखा था, इसे रद्द किया जाता है। शादीशुदा महिला को भगा ले जाने के मामले में उनके बेटे के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसमें उसके माता-पिता का कोई कसूर नहीं है। इसलिए गांव में उनके साथ अच्छा व्यवहार किया जाएगा। कोई दुर्व्यवहार नहीं किया जाएगा।
असल में हरजीत सिंह के बेटे पर आरोप है कि वह गांव की एक शादीशुदा महिला को भगा ले गया है। इससे गांव में काफी रोष था। इसी के चलते पंचायत बुलाई गई और गुरुद्वारों के लाउड स्पीकर से परिवार का सामाजिक बहिष्कार करने की घोषणा कर दी गई। उन पर 15 प्रतिबंध लगाए गए थे। साथ ही उनसे संबंध रखने वाले परिवार से 50 हजार रुपये जुर्माना वसूलने की चेतावनी दी गई थी।