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साइकिल को सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी मुक्त करने की वकालत

Tue, 05 Jan 2016 10:21 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/लुधियाना
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यूनाइटेड साइकिल एंड पार्ट्स मैन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन (यूसीपीएमए) ने आगामी वित्त वर्ष के बजट में केंद्र सरकार से साइकिल एवं पार्ट्स के सस्ते आयात को नियंत्रित करने और साइकिल को सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी से मुक्त करने की वकालत की है।
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केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेतली को भेजे बजट पूर्व ज्ञापन में एसोसिएशन ने दावा किया है कि पिछले कुछ साल से साइकिल उद्योग में ग्रोथ निगेटिव में चल रही है, जबकि आयात में तेजी से इजाफा हो रहा है। ऐसे में इंडस्ट्री का मैन्यूफैक्चरिंग बेस हिल रहा है। देश में साइकिल का आधार और मजबूत करने के लिए उद्योग को राहत देना जरूरी है।

एसोसिएशन के प्रधान चरणजीत सिंह विश्वकर्मा का तर्क है कि साइकिल पार्ट्स के आयात पर बीस फीसदी और साइकिल पर तीस फीसदी आयात शुल्क लगाया जा रहा है। इसके बावजूद चीन और अन्य देशों से सस्ता साइकिल एवं पार्ट्स का आयात बढ़ रहा है। यूसीपीएमए का सुझाव है कि साइकिल एवं पार्ट्स के आयात पर कस्टम ड्यूटी बढ़ा कर चालीस-चालीस फीसदी की जाए।
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विश्वकर्मा ने कहा कि सरकार ने साइकिल पर दो फीसदी सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी लगा रखी है। कई बार आश्वासन मिलने के बावजूद इसे हटाया नहीं जा सका है। इससे सरकार को कोई खास राजस्व नहीं मिल रहा है, जबकि इंडस्ट्री की दिक्कतें काफी हैं। एसोसिएशन की मांग है कि साइकिल को सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी से मुक्त किया जाए।
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