मकान पर विवाद में युवक को अवैध हिरासत में रखने के आरोप में अज्ञात पुलिस कर्मियों पर मामला दर्ज कर लिया गया है। थाना डिवीजन पांच की पुलिस ने यह मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों के बाद दर्ज किया है। मामले की जांच एडीसीपी क्राइम जीएस औलख कर रहे हैं।
राजिंदर शर्मा के मुताबिक वह मॉडल टाउन के एक मकान में किराए पर रह रहे थे। कुछ दिन पहले मकान मालिक की मौत हो गई। उसका कोई रिश्तेदार या सगा संबंधी उसका संस्कार करने के लिए नहीं आया। उन्होंने और एक अन्य किराएदार ने मिल कर मकान मालिक का दाह संस्कार कर दिया। उनकी मौत के कुछ दिन बाद कुछ लोग आए और मकान मालिक को अपना रिश्तेदार बता मकान पर अपना हक जमाने लगे। राजिंदर शर्मा के मुताबिक इस मामले में कोचर मार्केट चौकी की पुलिस उनके बेटे लव शर्मा को उठा कर ले गई और उसे अवैध हिरासत में रखा। राजिंदर शर्मा ने सात अक्तूबर को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर दी। इसमें आरोप लगाया गया कि कोचर मार्केट चौकी की पुलिस ने उनके बेटे को अवैध हिरासत में रखा हुआ है। इसके बाद अदालत के आदेश पर वारंट अफसर ने चौकी में छापामारी की तो वहां चौकी इंचार्ज एसआई नवदीप सिंह, मुंशी रजिंदरपाल सिंह और संतरी सुचाचैन सिंह मौजूद थे। जब वारंट अफसर ने छापामारी की तो लव भी मुंशी के कमरे में बैठा मिला। वारंट अफसर ने लव शर्मा को हिरासत से मुक्त करवाकर वापस भेज दिया और अपनी रिपोर्ट अदालत को सौंप दी। अदालत ने 16 अक्तूबर को पुलिस कमिश्नर को आदेश दिया कि इस मामले में संबंधित पुलिस मुलाजिमों पर मामला दर्ज कर इसकी जांच उच्चाधिकारी से कराई जाए। एडवोकेट राकेश गांधी ने कहा कि हाईकोर्ट द्वारा जारी आदेशों में साफ कहा गया है कि युवक को अवैध हिरासत में रखने वाले संबंधित पुलिस मुलाजिमों पर मामला दर्ज किया जाए, लेकिन महानगर पुलिस ने संबंधित मुलाजिमों की जगह अज्ञात पुलिस मुलाजिमों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।
एडीसीपी क्राइम जीएस औलख्ा ने कहा कि उनके पास जांच आई है। वह अभी कुछ नहीं कह सकते। जांच के बाद ही वह कुछ कह पाएंगे।